हरदोई। यूपीएसटीएफ ने शहर कोतवाली पुलिस के साथ दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से चार नाइजीरियन को 100 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। चारों नाइजीरियन विवाह, लाटरी आदि के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
30 मई 2020 को बेसिक शिक्षा परिषद की एक शिक्षिका ने शहर कोतवाली में ऑनलाइनल धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया था। शिक्षिका ने कहा था कि एक वेबसाइट पर विवाह के लिए उसने अपनी प्रोफाइल पोस्ट की थी। इसके जवाब में यूके के एक नंबर से मैसजिंग और वाट्सएप चैट शुरू हो गई। इसके बाद शिक्षिका को एक गिफ्ट पार्सल से भेजा गया और फिर कोरियर कंपनी का लिंक व ग्लोबल ट्रैकिंग नंबर दे दिया गया। ट्रैक करने पर पार्सल दिल्ली एयर पोर्ट पर कस्टम फीस के लिए रोका जाना दिखाया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में लगभग 15 लाख रुपये शिक्षिका से जमा करा लिए गए।
पूरे मामले की विवेचना शहर कोतवाली की निरीक्षक श्वेता त्रिपाठी कर रही थीं। उन्होंने एसटीएफ लखनऊ की मदद मांगी थी। इस पर एसटीएफ के सीओ पीके शुक्ला के नेतृत्व वाली टीम को खुलासा करने में लगाया गया था। जिन बैंक खातों में रुपये जमा कराए गए थे, उनके स्टेटमेंट निकलवाने पर एसटीएफ को काफी सुराग मिल गए। पता चला कि ठगों के तार दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी और तुगलकाबाद इलाके से जुड़े हैं। गिरोह का मुख्य सरगना जेम्स जिम उर्फ टोनी डेनिस गोविंदपुरी के गली नंबर 19 में स्थित मकान से गिरोह का संचालन कर रहा है।
एसटीएफ और शहर कोतवाली की पुलिस ने गुरुवार को दक्षिण दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से माइकल चियागोजियामा व नेल्सन चियागोजियामा पुत्रगण चियागोजियामा निवासी अवका अनंबरा स्टेट नाइजीरिया और फ्रेंसिस इमैका उड़ाला और पैट्रेक चकोडी उड़ाला पुत्रगण उड़ाला निवासी माइस अवका अनंबरा नाइजीरिया को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के मुताबिक फर्जीवाड़े के अलावा फॉर्नर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। विस्तृत छानबीन के लिए आईबी, एफआरआरओ (फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफीसर), इनकम टैक्स विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और नाइजीरिया दूतावास को भी लिखा गया है।
इन लोगों के साथ भी की ठगी
एसटीएफ का कहना है कि एसके स्मिती, पी हर्ष, सेंथिल कुमार, एस मजूमदार, डी अनुसुईया, प्रियंका, वंदना गिरि, थिरुक, शकुंतला, दीक्षा गुप्ता आदि से भी ऑनलाइन ठगी की गई। इन ठगों ने पश्चिमी बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के भी लोगों को भी अपना शिकार बनाया।
ऐसे भी हो रही थी ठगी
एसटीएफ ने ठगों का निशाना बने सेंथिल कुमार और डी अनुसुईया से जानकारी ली तो पता चला कि तमिलनाडु के बालापेट बेल्योर निवासी टीएस रमेश ने कोकाकोला रिलीफ फंड के नाम पर रुपये ये कहकर जमा कराए थे कि कुछ समय में ही चार गुना रकम वापस कर दी जाएगी। जांच के दौरान पता चला कि टीएस रमेश बेल्योर की एक धार्मिक संस्था में कैटरिंग का कार्य करता है। वह खुद को यूगांडा निवासी टोनी डेनिस का कर्मचारी बताता है। जिन खातों में ठग रुपये जमा कराते थे वह अधिकांश उत्तर -पूर्वी भारत के प्रदेशों के लोगों के नाम खुलवाए जाते थे। फर्जी कोरियर बेव पेज और आरबीआई बेव पेज भी ये लोग बना देते थे।
इलाज के लिए मिला वीजा, करने लगे ठगी
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