वरदान चैरिटेबिल ट्रस्ट के तत्वावधान में तीन मई को
होने वाले सामूहिक विवाह संस्कार में 41 जोड़े अपने-अपने धर्मों के अनुसार
साथ जीने की कसमें खाएंगे। रविवार को ट्रस्ट द्वारा एक बार फिर हुए
साक्षात्कार में जोड़ों की संख्या 29 से बढ़ाकर 41 होना बताया गया है।
साथ
ही यह भी बताया कि विशेष परिस्थितियों में चार जोड़े विवाह संस्कार में और
भी शामिल हो सकते हैं। 19 अप्रैल को जहां 29 वर-वधुओं को विवाह के टोकन
दिए गए थे तथा शेष अन्य वर-वधुओं को उनकी आयु संबंधी साक्ष्य लाने को 26
अप्रैल तक का समय दिया गया था।
उनमें से जो आयु संबंधी साक्ष्यों के
दस्तावेज और अभिभावकों की सहमति लेकर रविवार को आए, उन्हें भी तीन मई को
होने वाले विवाह के लिए टोकन जारी कर दिए गए। अब 38 विवाह हिंदू रीति से
तथा तीन निकाह मुसलिम रीति से होंगे।
विशेष परिस्थितियों में चार और वर वधू
बाहर होने से जो शामिल नहीं हो सके, उन्हें तीन दिन का और समय दिया गया
है। ट्रस्ट के सचिव अतुल कांत द्विवेदी ने बताया कि
ट्रस्टियों और सहयोगियों की बैठक वरिष्ठ ट्रस्टी अरुणरेश बाजपेई की
अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रबंध न्यासी एके चतुर्वेदी के निर्देशानुसार
जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं।
इसके तहत हिंदू रीति से विवाह जहां
गायत्री विधि से पिहानी के अतुल कपूर और उनकी टोली द्वारा संपन्न कराए
जाएंगे, वहीं शहर काजी हाजी हाफिज करीमुद्दीन निकाह पढ़ाएंगे। समारोह स्थल
में शीतल जल की व्यवस्था तुलसी परिवार के दीपक महेंद्रा तथा आर्यावर्त बैंक
के रीजनल मैनेजर अशोक श्रीवास्तव करेंगे।
बारातियों, जनातियों के नाश्ते
की व्यवस्था गोपाल द्विवेदी संभालेंगे। वर के श्रंगार की व्यवस्था व मंच
सज्जा की जिम्मेदारी अनिल श्रीवास्तव को सौंपा गया है। वहीं वधुओं के
श्रंगार की व्यवस्था पूर्णिमा मिश्रा तथा माधवी श्रीवास्तव संभालेगी।
वर
वधुओं को देने वाले बक्से में रखे जाने वाले सामानों की व्यवस्था उमा
श्रीवास्तव, शानू महेंद्रा और सरिता अग्रवाल को सौंपी गई है। बर्तनों की
व्यवस्था का उत्तरदायित्व अभिषेक मिश्र ने संभाली। वर-वधुओं के बेदी पर
बैठने को पाटा और हवन सामग्री की व्यवस्था अतुल अग्रवाल ने ली है।