हरदोई। न्यायालय सुरक्षा में तैनात सिपाही का शव बृहस्पतिवार सुबह उसके कमरे में चादर के फंदे से लटकता मिला। वह बीती चार जनवरी से ही देहात कोतवाली क्षेत्र के प्रगतिनगर में एक रेल कर्मी के मकान में किराये पर रह रहे थे। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने मौके पर जांच की। फॉरेंसिक टीम ने भी जरूरी नमूने जुटाए। पुलिस का दावा है कि सिपाही ने खुदकुशी की है। इसकी वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है।
बिजनौर जनपद के नजीबाबाद कोतवाली क्षेत्र के खैरुल्लापुर निवासी गौरव प्रजापति (32) 2020 बैच के सिपाही थे। हरदोई जनपद में उसकी पहली तैनाती थी। पूर्व में वह अतरौली थाने में तैनात रह चुके थे और इन दिनों न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे। पत्नी की मौत होने के कारण बीती चार दिसंबर को ही उनकी दूसरी शादी हुई थी। वह रेल कर्मी बालकराम के मकान में किराये पर रहते थे।
सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि गौरव के कमरे के पास वाले कमरे में कमलेश कुमार किराये पर रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह दूधिया आया था। उसने गौरव के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर कमलेश ने उसको फोन किया। जवाब न मिलने पर दूधिये से बरामदे में रखी फ्रिज के ऊपर चढ़कर कमरे में देखने को कहा। ऐसा करने पर गौरव का शव फंदे से लटका दिखा। कमलेश का पुत्र भी सिपाही है और उसकी तैनाती पुलिस लाइन में है।
कमलेश ने बेटे को और बेटे ने न्यायालय सुरक्षा के प्रभारी को जानकारी दी। इसके बाद उच्चाधिकारियों को घटना का पता चला। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह और कोतवाल हरिनाथ भी मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। रात लगभग आठ बजे मृतक के चाचा व कुछ अन्य परिजन आ गए हैं। फिलहाल इन लोगों ने घटना को लेकर कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
देर रात तक फोन पर की बात, उसके बाद बिगड़े हालात
गौरव की तैनाती वर्ष 2023 में अतरौली थाने में थी। उसी दौरान वह बाइक से पत्नी के साथ संडीला जा रहे थे। रास्ते में हादसा हो गया था। हादसे में गौरव घायल हो गए थे जबकि पत्नी की मौत हो गई थी। इसके बाद काफी दिनों तक गौरव पत्नी को लेकर परेशान थे। परिजन बमुश्किल दूसरी शादी के लिए तैयार कर पाए थे। चार दिसंबर को बिजनौर में ही उनकी शादी हुई थी। 31 दिसंबर को गौरव छुट्टी से वापस आए थे। शादी की मिठाई भी स्टाफ और यार-दोस्तों में बांटी थी। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बुधवार देर रात तक गौरव ने फोन पर बात की थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वालों ने कुछ तेज आवाज भी सुनी थी। इसके बाद ही घटना हुई।
फोन का लॉक खुले, सीडीआर निकले तो कुछ पता चले
परिजनों ने फिलहाल घटना को लेकर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। सीओ सिटी ने बताया कि गौरव का मोबाइल पिन से लॉक है। इसे खोलने का प्रयास किया गया लेकिन तब तक यह स्विच ऑफ हो गया। बताया कि फोन का लॉक खुलवाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।