बघौली (हरदोई)। थाना क्षेत्र के राव बहादुर गांव में गुरुवार देर शाम खेत पर गए चार ग्रामीणों पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की बात कहकर वन विभाग व पुलिस को सूचना दी। गांव के कुछ लोगों ने बाघ का वीडियो वायरल कर दिया। संबंधित वन अधिकारी फोन पर पूरे दिन इसकी टोह लेते रहे। कांबिंग के बाद टीम ने पंजों के निशान न मिलने और बाघ या तेंदुआ होने सेे साफ इनकार किया है। टीम ने सियार होने की बात कही है।
ग्राम राव बहादुर के लोगों ने बताया कि गुरुवार देर शाम एक महिला को खेत में जंगली जानवर दिखा। घबराकर उसने ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। इसी बीच झाड़ियों में छिपे जानवर ने गांव के ही बाबूराम के पेट में, दीपू के हाथ में, श्रीराम के गले व रामसेवक के कान पर हमला कर दिया।
मौके पर थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार भी पुलिस बल के साथ डटे रहे। वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के आसपास रात से लेकर शुक्रवार को दिन में भी कांबिंग की गई। कहीं पंजे के निशान नहीं मिले। बाघ या तेंदुए के महीन नाखून होते हैं। ग्रामीणों के शरीर पर घाव मोटे नाखूनों के हैं। इन सभी को देखते हुए सियार होने की पुष्टि हो रही है।
बाघ की रात को चहलकदमी, दिन में ओझल
पिहानी (हरदोई)। हसैयामऊ गांव से सटे खेतों के गन्ने में बाघ ने गुरुवार रात चहल कदमी की। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा मंगवाया है।
वन रेंज अधिकारी शीतला प्रसाद ने बताया कि बाघ ने तीसरे दिन भी ठिकाना नहीं बदला है। गुरुवार रात आसपास तकरीबन 500 मीटर के दायरे में चहलकदमी करने के बाद बाघ के वापस गन्ने के खेत में जाने के निशान मिले हैं। शुक्रवार सुबह खेतों में पाए गए पंजों के निशान के आधार पर इसकी पुष्टि हुई है। क्षेत्र में किसानों ने खेत जाना बंद कर दिया है।
बाघ ने अब तक गांव की ओर रुख नहीं किया है। ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। दिन में बाघ एक खेत से दूसरे खेत में पहुंचता है, खेत पर मंडराती चील इसका संकेत टोह में लगी टीम को दे रही है। इसी के आधार पर बाघ पर नजर रखी जा रही है। रेंजर के अनुसार शुक्रवार को पिंजड़ा व ट्रैक्टर मंगवाया गया है। कोशिश है कि बाघ को जिंदा पकड़ लिया जाए। उसे पिंजड़े तक लाने के लिए बकरी की व्यवस्था की जा रही है।