बिलग्राम। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान बढ़ती जा रही है। कोतवाली क्षेत्र के गांव मक्कूपुरवा में गुरुवार को चार और मकान गंगा में समा गए। कटान बढ़ने के कारण आसपास के लोगों ने खुद ही अपने आशियाने तोड़कर मलबा समेटना शुरू कर दिया है।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा का बदला रुख आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए खतरनाक हो गया है। सबसे ज्यादा असर ग्राम मक्कूपुरवा में देखने को मिल रहा है। यहां कटान के कारण सोमवार को 18 मकान ढह गए थे। गुरुवार को चार और मकान गंगा में समा गए। प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को गांव के ही राधेश्याम, मनीराम, उमेश व सुनील के मकान कट गए।
बताया कि अब तक कुल 22 मकान कट चुके हैं। गांव के कई मकान अब भी कटान की जद में हैं। ऐसे मेें प्रभावित लोगों ने खुद ही मकान खाली कर उन्हें तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रभावित लोग सामान दूसरी जगह पहुंचा रहे हैं। एसडीएम कपिल देव यादव ने बताया कि मकानों के कटने की सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
पड़ोसी और रिश्तेदारों की ले रहे मदद
बिलग्राम। गांव के ही बटेश्वर, शिवकुमार, रामआसरे, उदयप्रताप, अतुल, राधेश्याम, रामखिलावन, सुनील, गुलशन, प्रहलाद, मनीराम, अंकित, उमेश, भगवानदीन, सुंदर लाल, शिवमंगल, बनवारी, राहुल, कैलाश, लक्ष्मण व बसंत समेत अन्य कई लोगों के मकान भी कटान की जद में हैं। ऐसे में सभी ने मकानों को खाली कर सामान दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है और मकानों को तोड़ने में लगे हैं। प्रभावित लोग इसमें आसपास के गांवों में रहने वाले रिश्तेदारों समेत पड़ोसियों की मदद ले रहे हैं। मलबा लेकर जा रहे हैं, इससे वह नया आशियाना बनाएंगे।