पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनपद में वृहद पौधरोपण किया
जाएगा। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला पौधरोपण समिति की बैठक में
जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने पौधरोपण के लिए रणनीति बना विभागों को जिम्मेदारी
देते हुए समिति में शामिल अफसरों, प्रधान, प्रधानाध्यापक और एनजीओ के
सहयोग से पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा कराने के निर्देश दिए।
जिला पौधरोपण
समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद में वृहद स्तर पर पौधरोपण
होगा और छह फीट से कम पौधों का रोपण नहीं किया जाएगा। वन विभाग से पौधों की
खरीद कर पौधों की सुरक्षा को चारों ओर ईंट, लकड़ी या लोहे की जाली के
ट्री-गार्ड अवश्य लगाएं और पौधों की देखरेख के साथ समय समय पर गुड़ाई निकाई
और खाद-पानी भी दें।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिशासी
अभियंता को सड़क किनारे एक किमी की दूरी पर कम से कम 10 पौधे लगाने और उनकी
जिम्मेदारी प्रधान व ग्रामीणों को देने के निर्देश दिए। बीएसए को सभी
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बाउंड्री के किनारे पौधेे लगवाने के
निर्देश दिए।
वन अधिकारी रेणु सिंह ने बताया कि जिले में 755 हेक्टेयर
में 4,90,534 पौधों का रोपण किया जाएगा, जिसमें वन विभाग द्वारा 2,49,600,
जिला विकास विभाग द्वारा 1,69,701, जिला उद्योग केंद्र द्वारा 13,618,
सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी द्वारा 4190-4190, सहायक निबंधक सहकारिता
द्वारा 2095, भूमि संरक्षण प्रथम द्वारा 40,854, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
द्वारा 1048 तथा अन्य विभाग व स्थानीय निकाय द्वारा 5238 पौधे लगाए
जाएंगे।