हरदोई। लाठी-डंडों से पीटकर बांके से अंगुली काटने के 33 साल पुराने मामले में सीजेएम रिचा वर्मा ने दो सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को पांच साल की सजा सुनाई गई है। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के छतइया निवासी जयचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियोजन अधिकारी अनिल कुमार के मुताबिक रिपोर्ट में बताया था कि 19 दिसंबर 1991 को वह हरदोई से गांव जा रहा था। गांव के पास से निकले माइनर के पास रात में 9:30 बजे पहुंचा था। तभी गांव के कल्लू, रामकरन (सगे भाई) सुरेंद्र, महेंद्र (सगे भाई) रामेश्वर उर्फ डल्लू, बलदेव,श्रीराम आ गए।
इन लोगों ने जयचंद पर फायर कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। जयचंद और ग्रामीणों के शोर मचाने पर आरोपी भाग गए थे। जयचंद गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी एक अंगुली भी कट गई थी।
अभियोजन की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ने कल्लू, रामकरन, सुरेंद्र, महेंद्र, बलदेव को सजा सुनाई है। रामेश्वर उर्फ डल्लू व श्रीराम की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।