संडीला। एक कंपनी का प्राेपराइटर जीएसटी जमा करने के लिए भुगतान अपने कर्मचारी के बैंक खाते में करता रहा। कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर दिया और जीएसटी जमा ही नहीं की। एसआईबी ने छापा डाला तो कंपनी के मालिक को पूरी बात पता चली। अब कंपनी मालिक नेएक शख्स को नामजद करते हुए उसके चार-पांच अज्ञात साथियों पर 31 लाख रुपये की अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के महेंद्र कुंड निवासी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि वह सोमगांव मे स्थित आरके इंटरप्राइजेज के प्रापराइटर हैं। लेबर कांट्रैक्ट की ठेकेदारी भी करते हैं। सत्य प्रकाश के मुताबिक सत्यांश दीक्षित समेत चार लोग उसकी फर्म का जीएसटी जमा करने का काम देखते हैं। आरोप है कि फर्म की जीएसटी जमा करने के लिए सत्यांश दीक्षित के खाते में अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच सत्य प्रकाश ने 31 लाख 28 हजार 341 रुपये आरटीजीएस के जरिए भेजे। आरोप है कि सत्यांश दीक्षित ओर उसके साथियों ने धोखाधड़ी और दस्तावेजाें में फर्जीवाड़ा कर उक्त रुपयों का गबन कर लिया। जब जीएसटी की एसआईबी ने उसकी फर्म पर छापा डाला तो सत्यप्रकाश को हकीकत पता चली। कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करली गई है।