जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को प्रसव के बाद दो घंटे के अंतराल में एक के बाद एक तीन नवजात ने दम तोड़ दिया। बच्चों के परिजनों ने स्टाफ पर प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
अरवल थाना क्षेत्र के चंदौउवा निवासी शिव किशोरी की पत्नी आशा देवी (23) गर्भवती थी। मंगलवार सुबह उसे प्रसव पीड़ा हुई। शिव किशोर की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उसे जिला महिला अस्पताल में करीब 8:30 बजे भर्ती कराया गया। जहां पर करीब 11 बजे प्रसव हुआ। उसने बेटे को जन्म दिया था। जन्म के समय से ही उसकी हालत नाजुक थी। स्टाफ ने जांच की तो धड़कन आदि सामान्य नहीं थी। स्टाफ ने नवजात को शिव किशोर की गोद में दिया और दूसरी मंजिल पर बने एनसीसीयू वार्ड भेज दिया। डॉक्टर ने जांच के बाद नवजात को लखनऊ रेफर करने की बात कही। परिजनों ने लखनऊ ले जाने से इनकार करते हुए नवजात को शहर के निजी नर्सिंग होम में ले गए। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिव किशोर के अनुसार निजी नर्सिंग होम के चिकित्सक ने आक्सीजन की कमी के चलते नवजात की मौत होना बताया है।
दूसरी घटना में शहर के छोटा चौराहा निवासी अजय गुप्ता ने पत्नी रानी (30) को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार करीब 9 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर लगभग 10 बजे उसे प्रसव हुआ। उसने बेटे को जन्म दिया था। जांच में नवजात पूरी तरह से स्वस्थ था। एहतियात के तौर पर चिकित्सकों ने उसे एनसीसीयू वार्ड में रखा था। जहां पर कुछ देर बात ही दूसरे नवजात ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह ही करीब सात बजे एक अन्य गर्भवती ने बेटी को जन्म दिया था। जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजन चिकित्सकों को बताए बगैर ही प्रसूता को घर ले गए। पीड़ित परिजनों ने स्टाफ की लापरवाही से नवजात बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया है।