हरदोई। कोरोना संक्रमण की स्थितियों को देखते हुए वन विभाग जिले में औषधीय पौधों को बढ़ावा देगा। जिले में इस बार 54 लाख 13 हजार 987 पौधे रोपे जाने हैं। इनमें वन विभाग ने 27 लाख 61 हजार 686 औषधीय पौधों को रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह औषधीय पौैधे जिलेवासियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएंगे।
पौधरोपण के लिए वन विभाग सहित सरकारी विभागों को लक्ष्य दे दिया गया है। वन विभाग ने सरकारी विभागों और किसानों के लिए इस बार अपनी नर्सरी में भी औषधीय पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनकी सात रेंज की नर्सरियों में 27 लाख 61 हजार 686 औषधीय पौधे तैयार हैं। यहां से किसान और विभाग पौधे ले सकते हैं।
डीएफओ राकेश चंद्रा का कहना है कि मिशन पौधरोपण 2020 के तहत वन क्षेत्रों व कृषकों की भूमि पर अश्वगंधा, सर्पगंधा, गिलोय, जटामासी, आंवला, सतावर, नीम, तुलसी, अर्जुन सहित विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इनके रोपने से औषधीय पौधों की बढ़ती मांग की पूर्ति होगी। कृषकों की आय में भी वृद्धि होगी। परंपरागत चिकित्सा पद्धति का प्रसार होगा। परिणाम स्वरूप प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी।
सहजन के करीब तीन लाख पौधे तैयार
जिले की नर्सरियों में करीब तीन लाख सहजन के पौधे तैयार किए गए हैं। यह भी एक तरह का औषधीय पौधा है। इसकी जड़ से लेकर फूल, पत्ती, फली, तना, गोंद हर चीज लाभकारी होती है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आयुर्वेद में सहजन से तीन सौ रोगों का उपचार संभव बताया गया है। इन नर्सरी से भी किसान व विभाग सहजन के पौधे ले सकते हैं।
वन विभाग की पौधशालाओं में मौजूद औषधीय पौधे
प्रजाति औषधीय पौधे
अमरूद 627320
आम 24500
इमली 15833
आंवला 145300
कटहल 17780
कैथा 7300
कौंदा 55400
जंगल जलेबी 46500
जामुन 246650
नीबू 285640
बेर 19500