जिले की प्रस्तावित नए वार्षिक ऋण योजना में चालू
वित्तीय वर्ष के मुकाबले 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस बार भी बैंक
किसानों पर मेहरबान हो सकते हैं और योजना का करीब नब्बे फीसदी हिस्सा कृषि
क्षेत्र के लिए रखने की तैयारियां हैं।
सूत्रों का कहना है कि नई
वार्षिक ऋण योजना 3 हजार से 30 सौ करोड़ के आसपास हो सकती है, जिसके लिए
तैयारियां चल रही हैं और बहुत जल्द प्रस्तावित हो रही योजना का अनुमोदन हो
सकता है। चालू वित्तीय वर्ष की वार्षिक ऋण योजना 2,49,632 लाख
है, जिसमें 2,25,922 लाख का ऋण कृषि क्षेत्र के लिए है, जबकि अप्रैल से
शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष 15-16 के लिए प्रस्तावित वार्षिक ऋण योजना
में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।
जिले में विकास के
मार्ग को और अधिक प्रशस्त करने के लिए ज्यादा से ज्यादा ऋण कृषि क्षेत्र को
देने की तैयारी है। इस कार्य में सरकारी बैंकों के साथ ही निजी क्षेत्र की
बैंकों को भी शामिल किया जाएगा। जिसके लिए खास तौर से कृषि ऋण के लिए
लक्ष्य दिए जा सकते हैं।
इससे किसानों को कर्ज के लिए भटकना न पड़े।
ज्ञात हो कि चालू वित्तीय वर्ष में बैंकों को वार्षिक ऋण योजना के अनुसार
लक्ष्य पूरे किए जा रहे है। बैंक आफ इंडिया की 51,091 लाख, स्टेट बैंक को
34,676, सेंट्रल बैंक को 11,624, इलाहाबाद बैंक को 15,577, पीएनबी को
19,499, यूनियन बैक ओ.ई. को 7,422।
बैंक आफ बड़ौदा को 6,536, ओबीसी को
1307, यूबीओई को 1,307, इंडियन बैंक को 2,614, विजया बैंक को 808, केनरा
बैंक को 4,537, पीएसबी को 808, कारपोरेशन बैंक को 1922, सिंडीकेट बैंक को
1011, एजीबी को 81,056, आईडीबीआई बैंक को 1,307।
आईसीआईसीआई बैंक को 2,615,
एचडीएफसी बैंक को 1307, एक्सिस बैंक को 1307, उप्र सग्रावि बैंक को 100,
नगर विकास बैंक को 1200 लाख ऋण वितरण करने का लक्ष्य दिया गया था। एलडीएम
कार्यालय के अनुसार, कई बैंकों ने लक्ष्य पूरा कर लिया है।
एलडीएम पीके
सिंह ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक ऋण योजना तैयार हो रही
है। पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। कहा कि इस
बार भी सबसे ज्यादा जोर कृषि क्षेत्र पर रहेगा, जल्द ही योजना का अनुमोदन
जिला स्तरीय समिति में कराया जाएगा।