हरदोई। शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो जब मार्ग दुर्घटनाओं में जनपद में किसी की मौत न होती हो।
मौत की वजह तो पोस्टमार्टम से पता चल जाती है, लेकिन दुर्घटना की वजह खोजने के लिए मार्ग निर्माण के अभियंताओं को मेहनत करनी होती है। दुर्घटनाओं की वजह पता चल जाए और फिर भी एक भी एक सुधार कार्य न हो पाए तो व्यवस्था (सिस्टम) की खामी ही सामने आती है। लखनऊ पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग के जनपद के 100 किलोमीटर हिस्से में 21 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। बावजूद इसके इनमें से एक का भी सुधार पिछले आठ साल में नहीं हो पाया।
हर जनपद में कुछ ऐसे स्थान चिह्नित किए गए थे, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थलों को ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन मार्ग निर्माण करने वाले विभागों के अभियंता अलग-अलग बिंदुओं के आधार पर करते हैं। कहीं अवैध कट के चलते तो कहीं सड़क खराब होने के कारण ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाते हैं। कई बार तीव्र मोड़, आबादी वाले गांव के आसपास भी ब्लैक स्पाॅट चिह्नित किए जाते हैं। चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट पर सुधार के ऐसे काम करने होते हैं, जिनसे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
इन कार्याें की समीक्षा हर माह जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में होती है। जनपद में लखनऊ पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग का 100 किलोमीटर लंबा लखनऊ जनपद की सीमा से शाहजहांपुर जनपद की सीमा तक है। अलग-अलग वर्षों में इस मार्ग पर 21 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। ब्लैक स्पॉट चिह्नित होने के बाद इन सभी पर सुधार और सुरक्षात्मक कार्य करान के निर्देश थे, लेकिन आठ साल में हुआ कुछ भी नहीं।
कार्य प्रगति में कहकर हर बार पल्ला झाड़ लेते जिम्मेदार
राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभियंताओं की देखरेख में होता है। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग का हरदोई जनपद में आने वाला हिस्सा एनएचएआई के दो खंडों में बंटा है। बरेली और लखनऊ खंड के परियोजना निदेशकों की देखरेख में यह काम कराया जा रहा है। सड़क सुरक्षा समिति की पिछली कई बैठकों से जिम्मेदार फोरलेन निर्माण कार्य प्रगति पर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सवाल यह है कि वर्ष 2018 में चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट और उसके अगले वर्षों में चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर भी कोई काम क्यों नहीं हुआ, जबकि निर्माण कार्य शाहजहांपुर से हरदोई के बीच पूरा हो चुका था। इसी तरह हरदोई से लखनऊ के बीच भी जिन जगहों पर निर्माण पूरा हो चुका है, वहां भी ब्लैक स्पॉट के सुधार का कोई काम नहीं हुआ।
यह हैं कुछ ब्लैक स्पॉट
यासीनपुर, कोर्रिया, अटवा असिगांव, पिहानी चुंगी, बम्हनाखेड़ा, नहर डबलपुल, तिलुईया, लखनऊ चुंगी, बल्लीपुर, पचकोहरा, बघौली चौराहा, राव बहादुर, नानकगंज, नईबस्ती, कटियामऊ, तिलुईया पुलिया, महरी, लोधी आदि।
यह सही है कि लखनऊ पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माणाधीन है। संभवता काम पूरा होने के बाद ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य किया जाएगा। कराए जा रहे निर्माण में ब्लैक स्पॉट का काम भी शामिल करने को कहा गया था। एक बार फिर से सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक कर समीक्षा की जाएगी। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी। -एमपी सिंह, जिलाधिकारी