हरदोई। मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने वाले मरीजों का अब ओपीडी का पर्चा ऑनलाइन भी बन सकता है।
आभा आईडी होने पर ड्राइफ केस एप पर रजिस्ट्रेशन के बाद पर्चा ऑनलाइन बनाया जा सकता है। इसके बावजूद जिले में लोग ओपीडी के मरीज काउंटर पर घंटों लाइन में लगकर पर्चे बनवा रहे हैं। लोगों को एप से पर्चे बनाए जाने के बारे में समुचित जानकारी ही नहीं है। एप पर दिन भर 20 से 25 पर्चे बन रहे हैं। वहीं, मैनुअली डेढ़ से दो हजार पर्चे बन रहे हैं।
अस्पताल में आने वाले मरीज आभा आईडी बनवाकर सरकार की कई सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण करने के बाद घर बैठे ओपीडी का पर्चा भी बन सकता है। मरीज व तीमारदार को अपने एंड्रायड फोन पर ड्राइफ केस ऐप डाउनलोड करने के बाद उसमें मांगी जाने वाली जानकारी भर कर टोकन नंबर लेना होता है। टोकन नंबर को दिखाकर अस्पताल के आभा काउंटर से पर्चा लेकर चिकित्सीय परामर्श ले सकते हैं। मरीज व तीमारदारों को पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन भी नहीं लगानी पड़ेगी। इसके बावजूद जिले के लोग बिल्कुल भी जागरूक नहीं हैं।
एप से रोजाना सिर्फ 20 से 25 पर्चे बन रहे
हरदाेई। आभा आईडी होने के बाद भी प्रतिदिन 20 से 25 पर्चे ही ऑनलाइन बन रहे हैं, जबकि पूरे दिन अस्पताल में डेढ़ से दो हजार लोगों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। इसके लिए मरीज और तीमारदार सुबह सात बजे के पहले लाइन लगा लेते हैं, जबकि पर्चा काउंटर आठ बजे खुलता है। लोग पूरे दिन घंटों लाइन लगाते हैं, लेकिन मोबाइल के माध्यम से एप के जरिए पर्चा नहीं बनवा रहे हैं। उधर, महिला अस्पताल की स्थिति बेहतर है। महिला चिकित्सालय में बीते बृहस्पतिवार को 73, शुक्रवार को 87, शनिवार को 55 और सोमवार को 106 पर्चे ऑनलाइन बनाए गए। पुरुष चिकित्सालय की ओपीडी में यह संख्या 35 के ऊपर पहुंच ही नहीं रही है।
ड्राइफ केस एप पर ऐसे करें पंजीकरण और बनाए पर्चा
किसी भी एंड्रायड मोबाइल के प्ले स्टोर से ड्राइफ केस एप को डाउनलोड कर लें। एप में मोबाइल नंबर दर्ज कर लॉगिन करें, ओटीपी आने के बाद आगे बढ़े और अपना नाम, पता और आभा आईडी दर्ज करें। आभा आईडी दर्ज करने के बाद उसमें पूछी जाने वाली जानकारियों को भर दें, इसके बाद एक टोकन नंबर आएगा। इसको ही अस्पताल में दिखाने के बाद काउंटर से निर्धारित शुल्क देकर बिना नंबर लगाए पर्चा मिल जाएगा। इसका डिजिटलाइज्ड प्रिस्क्रिप्शन भी मोबाइल पर अपडेट हो जाता है।
खुद भी बना सकते हैं आभा आईडी
वैसे तो आभा आईडी बनाने के लिए मरीज सरकारी अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। आभा काउंटर पर आईडी बना सकते हैं या फिर वेबसाइट पर जाकर खुद कार्ड बना सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर और आधार लिंक मोबाइल नंबर जरूरी है। वहीं, एक ही मोबाइल से दूसरे सदस्य को भी जोड़कर उसका पर्चा भी जनरेट किया जा सकता है।
पंजीकरण काउंटर प्रभारी प्रदीप सिंह रिंकू ने बताया कि एप के माध्यम से लोगों को कई बार जागरूक भी किया गया है, लेकिन फिर भी लोग पर्चा काउंटर पर ही पर्चे बनवाते हैं। एप के माध्यम से पर्चे बनवाने से लोगों का समय भी बचेगा।