हरदोई। सुरसा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में छात्राओं के बैग फटे मिलने के बाद अब सभी 20 केजीबीवी में बैग का सत्यापन कराया जाएगा। सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने चालू शैक्षिक सत्र में आपूर्ति किए गए बैग के भुगतान पर रोक लगा दी है। सत्यापन की जिम्मेदारी बीएसए को सौंपी गई है।
केजीबीवी में छात्राओं को आवासीय शिक्षा की व्यवस्था है। इन विद्यालयों में अध्यनरत छात्राओं को विद्यालय से ही पाठ्य-पुस्तकों के साथ ही ड्रेस, भोजन, अन्य सामग्री के साथ ही स्कूल बैग भी निशुल्क दिए जाते हैं। एक छात्रा को बैग दिए जाने के लिए शासन की ओर से 200 रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। जिले में 20 केजीबीवी संचालित हैं और इनमें पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल बैग दिए जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ई-निविदा प्रक्रिया से बैग की खरीदारी कराई गई है। जेम पोर्टल से 1,000 स्कूल बैग की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी कराते हुए विद्यालयों को संबंधित फर्म के माध्यम से आपूर्ति दिलाई गई है। बताया गया कि जुलाई से अब तक फर्म ने विद्यालयों को कितने बैग की आपूर्ति की है इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी है।
सीडीओ ने बताया कि सुरसा केजीबीवी में जुलाई में ही आपूर्ति किए गए बैग शनिवार को निरीक्षण के समय फटे मिले थे। सुरसा विद्यालय में बैग फटे मिलने से फर्म की ओर से की गई आपूर्ति में घटिया बैग दिए जाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। घटिया बैग की आपूर्ति की आशंका पर सभी 20 केजीबीवी में आपूर्ति किए गए बैग के सत्यापन की जिम्मेदारी बीएसए को सौंपी गई है। सत्यापन के बाद ही बीएसए को भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी कहा गया है। फर्म को नोटिस और सुरसा में घटिया बैग की चेतावनी भी जारी कराई जा रही है।