मनरेगा में काम करने वालों को घर बैठे काम का लाभ मिल रहा है, पर पहली बार
मनरेगा में नियमित रूप से काम करने वाले मजदूरों को आधार कार्ड बनवाने में
प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड बनाने का काम जल्द
ही शुरू होने वाला है।
मनरेगा मजदूर, पेंशन और छात्रवृत्ति लाभार्थियों के आधार कार्ड बनाए
जाएंगे। इनमें सक्रिय मनरेगा मजदूरों के आधार कार्ड प्राथमिकता से बनाने को
शासन ने निर्देश दिए हैं। सक्रिय मनरेगा मजदूरों का आधार कार्ड कैंप
लगाकर विकास खंडवार चार चरणों में बनाए जाएंगे।
बायोमीट्रिक पहचान पत्र के
रूप में शुरू हुए आधार कार्ड से अब खाते का लिंकअप कर दिया गया है। सरकार
ने भी रसोई गैस और राशन कार्ड पर मिलने वाले अनाज में सब्सिडी देने और
धनराशि खाते में भेजने का फैसला कर लिया। जिसमें आधार कार्ड की अनिवार्यता
लागू की जा रही है।
ऐसे में अब आधार कार्ड बनवाना जरूरी हो गया है। आधार
कार्ड बनवाने को लेकर शहर लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं, जबकि ग्रामीण
क्षेत्रों में भी अब जल्द ही आधार कार्ड बनवाने को लेकर प्रक्रिया शुरू
होगी। सरकार ने भी मनरेगा जाबकार्ड धारक, पेंशन और छात्रवृत्ति लाभार्थियों
के आधार कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में आधार
कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू ही होने वाली है कि अब सरकार ने मनरेगा के
सक्रिय जाब कार्डधारकों को आधार कार्ड बनाने में प्राथमिकता पर शामिल करने
का आदेश दिया है। जिले में पंजीकृत 4,89,798 मजदूरों के सापेक्ष 2,08,561
सक्रिय मनरेगा मजदूर हैं।
जिनके आधार कार्ड विकास खंडवार कैंप लगाकर बनाने
के निर्देश दिए गए। अपर आयुक्त ग्राम्य विकास डा. आदर्श सिंह ने जिले के
अधिकारियों को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत/विकास खंडवार चार चरणों में कैंप
लगाकर आधार कार्ड तत्काल बनवाने के निर्देश दिए हैं।
उधर, अपर आयुक्त डा.
सिंह ने आधार कार्ड के लिए पंजीकृत होने और कार्ड बनते ही मनरेगा मजदूरों
के बैंक खाते को आधार नंबर से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि
आधार कार्ड नंबर निर्गत कराने के उपरांत नंबर को मनरेगा के साफ्टवेयर पर
अंकित करवाकर उक्त आधार नंबर को बैंक खाते के साथ जोड़ दिया जाएगा।