हरदोई। धान गेहूं की भरपूर उपज हाेने पर सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने वाले 19 हजार से अधिक किसान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन भी लेते रहे।
अब इन्हें चिह्नित कर लिया गया है और इनके राशन कार्ड निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी उपज बेचने वालों को मुफ़्त राशन वितरित किए जाने से पूरी व्यवस्था पर ही सवालिया निशान लग गया है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन वितरित किए जाने की व्यवस्था है। इस क्रम में जनपद में 7,69,814 राशन कार्ड धारकों को राशन मिलता है। बीते दिनों शासन के निर्देश पर मुफ्त राशन लेने वाले कार्ड धारकों और सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वालों की सूची का मिलान कराया गया था। इस सूची के मिलान के बाद जो गोपनीय आख्या आई वह चौका देने वाली है।
हरदोई जनपद में 19,019 ऐसे लोग मुफ्त राशन ले रहे थे, जिन्होंने अपनी कृषि योग्य भूमि दो हेक्टेयर से अधिक घोषित कर रखी है। इतना ही नहीं इस कृषि योग्य भूमि में होने वाली उपज को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचकर अपने खातों में सरकारी मूल्य भी लिया है। यूं तो पूरे प्रदेश में इसकी जांच कराई गई, लेकिन जनपद में बड़ी संख्या में मुफ्त राशन लेकर सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वालों के नाम सामने आने पर पूरी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है। फिलहाल इन 190,19 राशन कार्ड धारकों के कार्ड निरस्त करने की तैयारी पूर्ति विभाग ने कर ली है। इसके तहत प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वर्ष 2021 के अप्रैल में भी इसी तरह की एक जांच शासन ने कराई थी। तब जनपद में मुफ्त राशन लेने के साथ ही सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वाले 3,413 कार्ड धारकों को चिह्नित किया गया था। इनमें अधिकांश के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए थे। तब यह उम्मीद की जा रही थी कि आगे इस तरह का खेल नहीं होगा, लेकिन न सिर्फ खेल हुआ, बल्कि खेल बढ़ भी गया।
जनपद में मुफ्त राशन लेने वालों में ऐसे लोग भी हैं जो हर वर्ष इनकम टैक्स देते हैं। जनपद में 5,821 ऐसे लोग मिले हैं जो आयकर दाता होने पर भी मुफ्त राशन ले रहे थे। इसी तरह 6,072 ऐसी महिलाएं मिली हैं जो किसी न किसी विभाग की पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं। नियम के मुताबिक यह भी मुफ्त राशन नहीं ले सकतीं। आयकर दाताओं और पेंशनरों के कार्ड भी निरस्त किए जाएंगे।
जनपद में कुल 30,912 राशन कार्डाें को निरस्त करने की तैयारी की गई है। इनके स्थान पर कोविड काल में चिह्नित किए गए प्रवासी मजदूरों के नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। कोविड काल में जनपद में 3,32,000 प्रवासी मजदूर चिह्नित किए गए थे। इनमें से कुछ के पास पहले से ही राशन कार्ड हैं।
शासन से पूरी सूची भेजी गई है। शासन ने आयकर दाताओं, पेशन धारकों और सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचने वाले ऐसे किसानों जिनकी भूमि दो हेक्टेयर से अधिक है, के राशन कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जांच कराने के बाद राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। -कमल नयन सिंह,
जिला पूर्ति अधिकारी