मंडलीय अफसरों की निगरानी में कुपोषित बच्चोें को
बेहतर पोषण देकर उन्हें कुपोषण मुक्त कराया जाएगा। राज्य पोषण मिशन के तहत
महानिदेशक के निर्देश पर मंडलीय अफसरों को दो-दो गांव गोद लेने थे। जिले से
20 गांवों की सूची भेजी गई थी। जिसमें से मंडलीय अफसरों को 18 गांव गोद दे
दिए गए।
मंडलीय अफसरों की निगरानी में अब इन गांवों को कुपोषण मुक्त कराया
जाएगा। बच्चों में कुपोषण खत्म करने को प्रदेश सरकार ने भी राज्य पोषण
मिशन की शुरू किया। मिशन के तहत बाल विकास विभाग की सेवाएं लागू करने के
साथ ही योजनाओं को प्रभावी बनाने को अफसरों को गांव की जिम्मेदारी दी गई।
महानिदेशक कामरान रिजवी के निर्देश पर डीएम, सीडीओ और जिला स्तरीय अफसरों
को दो-दो गांव गोद दिए गए। जिले में 91 गांवों को अफसरों ने गोद ले रखा है,
पर अब योजना को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डीजी ने मंडल स्तर के
अफसरों को भी गांव गोद दे दिए।
मंडलीय अफसरों को गांव गोद देने को जिले से
20 गांवों की सूची मांगी गई थी। जिसमें सात विकास खंडों के 20 गांव चयनित
कर शासन को भेजी गई थी। इनमें से 18 मंडलीय अफसरों को 18 गांव गोद दे दिए
गए। मंडलीय अफसरों के पास जिले के 18 गांव के अलावा खीरी के भी 18 गांव
गोद दिए गए हैं।
महानिदेशक के निर्देश पर संयुक्त विकास आयुक्त प्रमोद
कुमार ने सूची जिले में भेज दी है। उधर, 18 गांवों में गोगा बजोत, जासू,
बेहंदर कला, छतिया रामपुर, गोंडवा, बकवा, सोनिकपुर, खसौरा, अर्जुनपुर,
साखिन, महमदपुर, अलिशाबाद, कालागाढ़ा, नवीपुर, टुमुर्की और मुंडेर हैं।
उधर, मंडलीय अफसरों के लिए चयनित गांवों में 1470 बच्चे कुपोषित हैं।