हरदोई। निराश्रित महिलाओं के साथ ही दैवी आपदा प्रभावित परिवारों के लिए मकर संक्रांति खुशियां लेकर आई। मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रथम चरण में 20.76 करोड़ रुपये खर्च करीब 1,730 जरूरतमंदों और बेघरों को अपने पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। पात्रता सूची में चिह्नित परिवारों को मकान बनाने के लिए मंजूरी दे दी गई है।
जरूरतमंद और बेघर परिवारों को अपने मकान दिए जाने के लिए संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना में प्रशासन की तरफ से बड़ी राहत दी गई है। योजना में निराश्रित महिलाओं के साथ ही दैवी आपदा पीड़ित परिवारों को वरीयता देते हुए मकान बनवाए जाने पर 20.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे 1,730 बेघर परिवारों के पास अपने पक्के मकान हो जाएंगे। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और निराश्रित महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक स्थिति में लाना है।
बताया कि पात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवारों में से चयनित लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है। मकान बनवाए जाने की जिम्मेदारी भी लाभार्थियों को ही सौंपी गई है। मकान बनवाए जाने का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। इसके लिए महिला मुखिया के बैंक खातों में तीन बार में 1,20,000 रुपये दिए जाएंगे। बताया कि अब तक गाइडलाइन के अनुसार एक लाभार्थी को मनरेगा मद से 90 दिन की मजदूरी भी दी जाएगी। मजदूरी के एवज में 1,730 लाभार्थियों को 3,93,92,100 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वहीं, शौचालय बनवाए जाने के लिए 12,000 रुपये प्रति लाभार्थी अलग से दिए जाएंगे।
फैक्ट फाइल
.1,730 आवास स्वीकृत।
.168 दैवी आपदा प्रभावित परिवार।
.958 निराश्रित महिला लाभार्थी।
.49 नट परिवार।
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मुख्यमंत्री आवास योजना में पात्रता की श्रेणी में चिह्नित किए गए लाभार्थियों की प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा करा लिया गया है। इन लाभार्थियों को पहली किस्त के 40,000-40,000 रुपये मकान बनवाए जाने के लिए भेजे जाएंगे। इससे लाभार्थी काम शुरू करा सकेंगे। -अशोक कुमार मौर्य, परियोजना निदेशक, डीआरडीए