हरदोई। लोकसभा चुनाव के परिणाम सार्वजनिक हो गए हैं। दोनों ही संसदीय सीटों पर बसपा प्रत्याशी सहित 17 प्रत्याशी अपनी-अपनी जमानत राशि नहीं बचा पाए हैं।
हरदोई और मिश्रिख संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीते हैं और सपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं, जबकि चुनावी दौड़ में बसपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे हैं।
मंगलवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना पूरी होने के साथ परिणाम भी सार्वजनिक कर दिए गए। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई व्यवस्था के अनुसार प्रत्याशियों की जमानत राशि को लेकर प्रक्रिया शुरु की गई है। बताया गया कि आयोग ने कुल पड़े मतों में वैध मतों में से नोटा की संख्या कम करते हुए बचे मतों के छठें भाग से कम मत पाने वाले प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। हरदोई संसदीय सीट पर कुल 11,00,116 मतों की गिनती हुई और इसमें 8,814 मत नोटा के निकले।
इस प्रकार 10,91,302 मत वैध माने गए और इसका छठा भाग 1,81,884 होता है। इससे कम मत पानों की जमानत राशि जब्त हो जाएगी। हरदोई संसदीय सीट से भाजपा, सपा और बसपा सहित 12 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश रावत ने 4,86,798 मत प्राप्त कर जीत दर्ज कराई जबकि, सपा की ऊषा वर्मा 4,58,942 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। इन दोनों प्रत्याशियों की जमानत राशि बच गई है। बसपा के भीमराव आंबेडकर, जस्टिस पार्टी के इंद्रपाल, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के श्याम कुमार, नारी नर रक्षक पार्टी के मुन्नालाल, भारतीय कृषक दल के प्रदीप कुमार, लोकजन संघर्ष पार्टी के ब्रह्मा प्रसाद, निर्दलीय शिव कुमार, अवधेश कुमार, ओमप्रकाश और सुनील कुमार वर्मा को वैध मतों के छठे भाग से कम वोट मिले हैं।
ऐसे ही मिश्रिख संसदीय सीट पर गणना में 10,51,983 मताें को शामिल किया गया। इसमें से 8,029 मत नोटा के पाए गए। नोटा की संख्या को कम करते हुए 10,43,954 मत वैध माने गए और इसका छठा भाग 1,73,992 होता है। मिश्रिख संसदीय सीट पर नौ प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई। इसमें भाजपा के अशोक रावत को 4,75,016 मत मिले और जीत दर्ज कराई। सपा प्रत्याशी संगीता राजवंशी को 4,41,610 मत मिले और दूसरे स्थान पर रहीं। इन दोनों प्रत्याशियों की जमानत राशि ही बची है।
बसपा प्रत्याशी बीआर अहिरवार, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के ललित कुमार, नारी नर रक्षक पार्टी की वंदना वर्मा, राष्ट्रीय जन शक्ति समाज पार्टी की सावित्री देवी, निर्दलीय अवधेश, रामपाल और नीलम सिंह को वैध मतों के छठे भाग से कम वोट मिले और जमानत नहीं बचा पाए। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी का काम देख रहे शिवराम ने बताया कि आयोग की व्यवस्था से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।