हरपालपुर (हरदोई)। अरवल थाना क्षेत्र अंतर्गत चियासर घाट पर बुधवार सुबह गंगा नहाने गए एक ही परिवार के तीन किशोर डूब गए। पुलिस ने मछुआरों की मदद से उनकी तलाश करवाई। दोपहर तक दो किशोरों के शव तलाश लिए गए जबकि तीसरे का सुराग नहीं लगा है।घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।
अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम बेहथर निवासी दिव्यांश (14) पुत्र स्व. नरेंद्र सिंह अपने चचेरे भाई मिथुन सिंह (14) पुत्र रमेश सिंह और परिवार के ही शिवम (16) पुत्र सत्यपाल और अभिषेक (18) पुत्र पीपी के साथ बाइक से बुधवार सुबह सात बजे स्नान के लिए चियासर घाट गए थे। गंगा में नहाने के दौरान दिव्यांश, मिथुन और शिवम गहरे पानी में जाने से डूब गए। यह देखकर अभिषेक घबरा गया और मदद के लिए शोर मचाया। फोन कर सूचना परिजनों को दी। पुलिस भी घाट पर पहुंच गई। मछुआरों की मदद से तीनों किशोरों की तलाश शुरू की गई। सुबह नौ बजे रामनगर के पास दिव्यांश का शव तलाश लिया गया। करीब पांच घंटे बाद दोपहर दो बजे रामनगर से कुछ आगे शिवम का शव भी मिल गया। जबकि मिथुन की तलाश जारी है। घटना की सूचना पर सवायजपुर के तहसीलदार मूसाराम थारू और सीओ हरपालपुर राकेश वशिष्ठ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार परिजनों को मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अंतिम आस तक थामे रहे एक-दूजे का हाथ
हरपालपुर (हरदोई)। दिव्यांश, मिथुन और शिवम के साथ अभिषेक भी गंगा स्नान के लिए गया था। घाट के पास मौजूद लोगों ने बताया कि सबसे पहले दिव्यांश गहरे पानी में चला गया। उसे डूबते देख शिवम बचाने गया तो वह भी डूबने लगा। मिथुन ने दिव्यांश और शिवम को एक-दूसरे को बचाने की मशक्कत करते देखा तो उसने भी दोनों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। दोनों को बचाने की कोशिश में मिथुन भी गहरे पानी में चला गया। यह देखकर अभिषेक घबरा गया और गंगा किनारे आ गया। यहां उसने शोर मचाते हुए घटना की जानकारी लोगों को दी और मोबाइल से परिजनों को घटना के बाबत बताया। काफी मशक्कत के बाद भी मिथुन का पता नहीं लग सका है।
साथ खेले, पढ़े और डूब गए तीनों
दिव्यांश और मिथुन चचेरे भाई थे, जबकि शिवम भी उसी परिवार का सदस्य है। तीनों की बचपन से ही गहरी मित्रता थी। हमउम्र होने और एक ही परिवार के होने के कारण तीनों का अधिकांश समय साथ बीतता था। दिव्यांश हरपालपुर स्थित विजयशंकर इंटर कालेज में कक्षा आठ का छात्र था, जबकि शिवम कक्षा 10 का विद्यार्थी था। मिथुन ने कक्षा पांच तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया था।
पति के बाद अब बेटे की मौत से बदहवास हुई रीना
दिव्यांश के पिता नरेंद्र सिंह की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। दिव्यांश मां रीना के साथ चाचा छोटे सिंह के साथ ही रहता था। रीना इकलौती संतान दिव्यांश के सहारे ही जिंदगी काट रही थी, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। दिव्यांश का शव मिलने की जानकारी मिलते ही रीना बदहवास हो गई और घाट की ओर भाग खड़ी हुई। किसी तरह अन्य परिजनों ने उसे संभाला। उधर दूसरी ओर घटना में मृत शिवम छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर का था। उसकी मौत की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया।