हरदोई। सरकार और बैंक मैनेजमेंट के खिलाफ मंगलवार को बैंक कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए बैंक कर्मियों ने स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की ।हड़ताल के चलते जिले की 250 बैंक शाखाओं में ताला लटकता रहा। बैंकों की हड़ताल के चलते पूरे जिले में 145 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते पूरे जिले की सरकारी बैंको सहित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अलावा सहकारी बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। बैंकों की हड़ताल के चलते पूरे जिले में लगभग 125 करोड़ का नगद लेनदेन प्रभावित हुआ।
इसके अलावा 20 करोड़ की चेकों की क्लीयरिंग नही हो पायी। इस मौके पर यूएफबीयू के स्थानीय संयोजक आर के पांडेय ने सरकार पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार स्टेट बैंक में सहयोगी बैंकों का विलय मनमाने तरीके से कर रही है।
कहा बैंकों की हालत ठीक नहीं है। सरकार बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है यह राशि बैंकों की हालत सुधारने के लिए प्रर्याप्त नहीं है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की स्थानीय इकाई के चेयरमैन मनोज सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरकार पर बैंकों के निजीकरण का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों में क्षितिज पाठक, अजय मेहरोत्रा, अनिल सिंह, अनुपम मिश्रा, प्रिया रस्तोगी, आदर्श बाजपेयी, मनोज वर्मा, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, आकांक्षा द्विवेदी, मोनाली, अनूप सिंह, दीपक शुक्ला, अनुज सिंह, श्याम मोहन, बीर बहादुर, वरूण, प्रदीप कुमार, संदीप, टी के कपूर, गोपाल सक्सेना, सुशील कुमार, तुषार, प्रकाश दुबे, शिव कुमार, शिवशंकर, सुरेन्द्र, सुजीत आलोक, संजय टंडन मौजूद रह्रे।