अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दो दिन स्कूल आकर पूरे माह का वेतन लेने वाली दो प्रधानाध्यापिकाओं को बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया है। दोनों के वेतन निकासी पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
बीईओ बिलग्राम सुशील कुमार ने ब्लाक के कई स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट बीएसए को दी। इसमें बताया 17 अगस्त को निरीक्षण के दौरान दो स्थानों पर बड़ी गड़बड़ी मिली। जांच में यह बात सामने आई कि प्राथमिक स्कूल कटरी मोहनपुरवा की प्रधानाध्यापिका मंजरी यादव कन्नौज में रहती हैं। यहीं से महीने में एक- दो बार स्कूल आकर पूरे महीने के हस्ताक्षर बना देती हैं। निरीक्षण के दौरान 8 व 9 अगस्त को उपस्थित पंजिका पर अवकाश चढ़ा था, उस पर कटिंग कर हस्ताक्षर बनाए गए थे। इसी तरह प्राथमिक स्कूल चिरंजूपुरवा की प्रधानाध्यापिका माधुरी गुप्ता कानपुर में रहती हैं। वह भी सप्ताह में एक या दो बार स्कूल आकर पूरे सप्ताह के हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका पर कर देती हैं। जानकारी में यह भी आया है कि दोनों प्रधानाध्यापिकाएं स्कूल में आने पर यहां केवल सुबह 10 बजे से 12 बजे तक ही रुकती हैं। शिक्षण कार्य बिल्कुल नहीं कर रही हैं। बीईओ की रिपोर्ट को बीएसए ने गंभीरता से लेते हुए दोनाें प्रधानाध्यापिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर दोनों प्रधानाध्यापिका को बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इनसेट
सेटिंग बनाकर रखते हैं अध्यापक
गैरहाजिर रहकर पूरे महीने की तनख्वाह लेने का यह खेल कोई नया नहीं है। यह खेल सभी ब्लॉकों में खूब चल रहा है। महीने और सप्ताह में एक दो बार आकर स्कूल में हस्ताक्षर करने और पूरी तनख्वाह लेने का यह काम बिना ब्लॉक के अधिकारियों की मिलीभगत से संभव नहीं है। इस ब्लॉक में यह खेल पहले से होता आ रहा है। अगस्त के प्रथम सप्ताह में बीईओ बिलग्राम का चार्ज लेने वाले सुशील कुमार ने इस खेल पर अंकुश लगाने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मिले महीनों गायब रहने वाली प्रधानाध्यापिकाओं पर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की थी। इस पर बीएसए ने भी अपनी मुहर लगाते हुए दोनाें पर कार्रवाई कर दी है। दोनाें शिक्षिकाओं को अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया गया है। इसके बाद उनकी बर्खास्तगी तय है।
- गैरहाजिर रहने वाली दो प्रधानाध्यापिकाओं को बर्खास्तगी का नोटिस
- कन्नौज से मोहनपुरवा स्कूल में महीने में एक दो बार ही आती थीं
- कानपुर से चिरंजूपुरवा स्कूल की शिक्षिका सप्ताह में एक दो बार ही आती थीं
- बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी बिलग्राम की रिपोर्ट पर दोनों का रोका वेतन