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द्वितीय चरण के अंतिम दिन 131 नामांकन

Sat, 03 Oct 2015 11:54 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, हरदाेई
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पंचायत चुनाव में दूसरे चरण के दूसरे दिन शनिवार को भी नामांकन कराने वालों की भीड़ पूरे दिन नामांकन कक्षों में एकत्र रही। दूसरे दिन पांच ब्लाकों में जिला पंचायत सदस्य के लिए कुल 131 नामांकन हुए, जबकि बेहंदर और कछौना में सबसे अधिक 30-30 नामांकन कर दावेदारों ने सीट पर अपना दावा सुनिश्चित किया।
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दूसरे दिन शनिवार को संडीला और कोथावां के जिला पंचायत सदस्यों का नामांकन कार्यों की स्पीड को पटरी पर लाया गया। संबंधित एआरओ ने यहां की स्थितियों को बेकाबू नहीं होने दिया। संडीला प्रथम से सात, द्वितीय से 11, तृतीय से पांच एवं चतुर्थ से तीन नामांकन हुए, जबकि कोथावां में प्रथम से सात, द्वितीय से पांच, तृतीय से चार नामांकन हुए।

वहीं एडीएम कोर्ट में कछौना, बेहंदर व भरावन ब्लाकों की जिला पंचायत सीटों के लिए कुल 89 नामांकन किए गए। कछौना प्रथम में सात, कछौना द्वितीय में 10, कछौना तृतीय में 13 जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन कराए गए। वहीं बेहंदर ब्लाक में बेहंदर प्रथम सीट के लिए 11, द्वितीय के लिए आठ एवं तृतीय के लिए 11 नामांकन कराए गए।
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भरावन क्षेत्र पंचायत की 94 सीटों पर भरावन में 600 दावेदारों ने नामांकन कराया है। नामांकन के दूसरे दिन शनिवार को 219 लोगों ने नामांकन कराया। कुल 662 नामांकन पत्रों की बिक्री हुए। अनारक्षित वर्ग के 93 व आरक्षित वर्ग के 569 लोगों ने पर्चा दाखिल किया।

इसी क्रम में भरावन प्रथम के लिए 9, भरावन द्वितीय 8, तृतीय 9 एवं चतुर्थ सीट के लिए 3 नामांकन कराए गए। आरओ सीडीओ विजय गुप्ता ने नामांकन कक्षों का निरीक्षण भी किया और जरूरी निर्देश दिए। उधर, पंचायत चुनाव में संबंधित कार्यालय की तैयारियां अधर में लटकी रहने से न सिर्फ नामांकन कक्षों में कई बार रुकावटें पैदा हुई, बल्कि प्रशिक्षण में भी जगह जगह पर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

खास बात यह कि नामांकन कक्षों में वोटर लिस्टें मुहैया कराने में कार्यालय पूरी तरह से ढीला रहा तो प्रशिक्षण में सारे सेक्टर मजिस्ट्रेटों की सूची भी शनिवार को मुहैया नहीं करा पाया। यहां तक कि संवेदनशील, अतिसंवेदनशील, अतिसंवेदनशील प्लस केंद्रों की कुल संख्या भी अभी तक इस विभाग के पास नहीं है, जिसको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता कि विभाग किस तरह से पंचायत चुनाव को संपन्न कराएगा।

उधर, पंचायत चुनाव में आयोग की तैयारियां जिला प्रशासन की तैयारियों से दो कदम आगे चलती हुई दिखाई दे रही हैं। चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए जहां जिले में परिवहन विभाग के सचिव पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए जा चुके हैं, वहीं अब मतगणना के लिए लघु उद्योग के विशेष सचिव अरविंद सिंह को पर्यवेक्षक बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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