- मनरेगा में 33,881 परिवारों में से 17,429 को मिल पाया 100 दिन का काम
- वित्तीय वर्ष में अधिक दिन नहीं शेष, 14,973 परिवारों से लक्ष्य पूर्ति की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में विकास कार्यों को कराने के साथ ही रोजगार दिए जाने के लिए संचालित मनरेगा में 19 में से 13 ब्लॉक लक्ष्य के 50 प्रतिशत जाब कार्डधारक परिवारों को 100 दिन का रोजगार नहीं दे पाए। फरवरी माह तक 33,881 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने का लक्ष्य तय है, जबकि अभी 17,429 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिल सका है।
मनरेगा में जाब कार्डधारक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। जिससे गांव के श्रमिकों को गांव में ही काम मिल सके। चालू वित्तीय वर्ष में 37,546 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से फरवरी माह तक 33,881 परिवारों को रोजगार दिए जाने का लक्ष्य पूरा किया जाना है। अभी तक 17,429 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दिया जा सका है। जनपद औसत 51.44 प्रतिशत से भी कम रोजगार देने की श्रेणी में 13 ब्लॉक आ गए हैं।
100 दिन रोजगार के लक्ष्य के सापेक्ष शाहाबाद में 22.36, भरावन में 23.66, कछौना में 26.15, बिलग्राम में 34.95, सांडी में 40.17, हरपालपुर में 40.51, टोडरपुर में 40.61, कोथावां में 42.64, संडीला में 42.74, माधौगंज में 44.46, पिहानी में 44.59 और हरियावां में 48.77 व बेहंदर में 48.88 प्रतिशत श्रमिकों को ही रोजगार दिया जा सका है।
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तीन विकास खंडों ने पार किया 80 प्रतिशत का आंकड़ा
मनरेगा में जाब कार्डधारकों को नियमित रोजगार दिए जाने के साथ ही 100 दिन के रोजगार दिए जाने में विकास खंड भरखनी ने लक्ष्य को पार करते हुए 107.32 प्रतिशत पूर्ति कर ली है। विकास खंड सुरसा ने 90.53 और बावन ने 87.83 प्रतिशत श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने का काम किया है।
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मनरेगा में रोजगार दिए जाने पर अधिक जोर दिया गया है। जाब कार्डधारक परिवारों को रोजगार दिए जाने और नियमित भुगतान की जिम्मेदारी कार्यक्रम अधिकारियों को सौंपी गई है। 100 दिन रोजगार के लक्ष्य को पूरा न करने वाले ब्लॉकों के कार्यक्रम और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। -रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार