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मनरेगा : मांगने पर भी 371 श्रमिकों को नहीं मिला रोजगार

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फोटो- 12- कंट्रोल रूम में ऑपरेटर के साथ आनलाइन मानीटरिंग करते उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। प्रवासी श्रमिकों के लिए संजीवनी मानी जा रही मनरेगा में भी खंड विकास अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। हाल ये है कि मांगने के बावजूद 371 श्रमिकों को मनरेगा से काम नहीं मिल पाया। मामला संज्ञान में आने पर मनरेगा उपायुक्त ने जिले के 13 बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
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लॉकडाउन के दौरान घरों को लौटे श्रमिकों को गांव में ही रोजगार दिलाने की कवायद की जा रही है। गांव में रोजगार के लिए मनरेगा बेहतरीन योजना है, लेकिन इसमें भी खंड विकास अधिकारियों के स्तर से लापरवाही की जा रही है। मंगलवार को कंट्रोल रूम पहुंचे मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने योजना की समीक्षा की तो ये सच्चाई सामने आई। ऑनलाइन मानीटरिंग के दौरान पता चला कि जनपद के 13 विकास खंडों में 371 श्रमिकों को मांगने पर भी काम नहीं मिला। इस पर मनरेगा उपायुक्त ने खासी नाराजगी जताई और सभी 13 बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है।
इन ब्लाकों में हुई लापरवाही
शाहाबाद में 147 लोगों को मांगने पर भी मनरेगा कार्य नहीं मिला। इसी तरह भरखनी में 60, अहिरोरी में 49, टोडरपुर में 29, हरियावां में 28, बिलग्राम में 12, बावन और बेंहदर में 10-10, सांडी में नौ, हरपालपुर में आठ, कछौना में छह, सुरसा में दो और पिहानी में एक व्यक्ति को काम नहीं मिला।
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