दो दिन से चल रही रिमझिम बारिश से गर्मी से राहत मिली है और खुशहाली का आगाज हुआ है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों का मन हर्षित नजर आ रहा है। मंगलवार को भी मौसम तपिश के मसले पर मेहरबान रहा। सुबह से ही शुरू हुई बूंदाबांदी कभी फुहारी बारिश में तो कभी तेजी में तब्दील होती रही।
हालांकि, ज्यादातर समय में फुहारी बारिश हुई। यही कारण रहा कि दोपहर तक रुक रुक कर चला बारिश का सिलसिला 13.6 मिमी बरसात में सिमट गया। झमाझम और मूसलाधार बारिश तो न हो सकी, पर जून के अंतिम दिन 13.6 मिमी बारिश ने खेती किसानी की तैयारियों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
इस तरह से सोमवार और मंगलवार दो दिन में 28.6 मिमी पानी बरस गया, जबकि जून माह की कुल बारिश का आंकड़ा भी 50 मिमी पार कर 60 मिमी के आस पास पहुंच गया। इससे लोगों को तपिश से राहत तो मिली है, पर जून माह में खेती किसानी के लिए 100 से 200 मिमी बारिश की उम्मीद पूरी न हो सकी।
इससे खरीफ की फसलों को लेकर चिंता अभी खत्म न हो पाई है। खास तौर से धान की फसल को लेकर भरपूर बरसात की आस अभी भी अधूरी है। उधार, मंगलवार दोपहर तक रुक-रुक कर हुई फुहारी बारिश ने लोगों के आवागमन पर प्रभाव तो डाला, पर कोई रुकावट नहीं हुई।
जिसके चलते लोग फुहारी बारिश के बीच छाता आदि लेकर आराम से आवागमन करते नजर आए। इस बाबत मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को 13.6 मिमी बारिश हुई है और तापमान का अधिकतम स्तर 28.0 एवं न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा।