हरदोई। बैंकों के विलय को रोकने और डूबे कर्जों की वसूली के कठोर उपाय करने की मांग को लेकर बैंक यूनियनों की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत मंगलवार को जिले की अधिकतर बैंकों में ताले लटकते रहे। हड़ताल से 125 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा।
20 राष्ट्रीयकृत बैंकों और ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की 230 शाखाओं के कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ यूनियंस के बैनर तले एसबीआई की मुख्य शाखा, यूनियन बैंक व ग्रामीण बैंक ऑफ आयावर्त की शाखा पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
एसबीआई मुख्य शाखा पर प्रदर्शन करते हुए बैंक यूनियंस के स्थानीय संयोजक आरके पांडेय ने कहा कि सरकार के अड़ियल रुख की वजह से बैंक कर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए है। बैंकों के विलय से शाखाएं बंद होंगी। इससे रोजगार भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को भ्रम है कि बैंक बड़े और मजबूत होेंगे। क्षितिज पाठक ने कहा सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को पूंजी देने से इनकार कर रही है ताकि निजी पूंजी बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा सके। यूएफबीयू के चेयरमैन मनोज सिंह ने कहा कि वर्तमान हालातों में बैंक कर्मियों का विरोध जरूरी है।
उन्होंने 15 सितंबर को दिल्ली चलो का आह्वान करते हुए कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। आदर्श बाजपेई ने कहा कि बैंकों के अर्जित लाभों में से दो लाख 50 हजार करोड़ रुपये पिछले पांच सालों में बट्टे खाते में डाल दिया गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अजय मेहरोत्रा, आरके मिश्रा, वेदप्रकाश पांडेय, अनूप सिंह, टेक बहादुर सिंह, अनिल सिंह, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, रचना तिवारी, अंकुर दीक्षित मौजूद रहे। उधर, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की सिनेमा रोड शाखा और सिविल लाइंस स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के तहत कर्मचारियों ने अनुपम मिश्रा व नवीन अवस्थी की अगुआई में विरोध-प्रदर्शन किया। यूनियन बैंक की एमजी मार्ग स्थित शाखा पर कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस मौके पर लवकुश, कौशलेंद्र शुक्ला, राकेश आर्या, खुशबू वर्मा, मोहनीश गफ्फार, अखिलेश, हरिश्चंद्र, रोहित आदि मौजूद रहे।