मिशन रोजगार के तहत नलकूप चालक पद पर चयनित 3209 अभ्यर्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नियुक्ति पत्र दिए।
वहीं जिले के चयनित 34 नलकूप चालकों को विधायक श्याम प्रकाश और डीएम अविनाश कुमार ने खुशियों का तोहफा दिया। विधायक ने कहा कि नलकूप चालकों से 12 महिलाएं हैं। ये मिशन शक्ति को भी मजबूती देगा।
2016 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिये 3209 नलकूप चालकों की नियुक्तियों के लिए परीक्षा हुई थी। 2019 में इसका परिणाम घोषित हो गया था, लेकिन अलग-अलग कारणों के वजह से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल पा रहे थे।
मिशन रोजगार के तहत की जा रही नियुक्तियों के क्रम में जिले में 34 अभ्यर्थियों को एनआईसी के सभागार में डीएम अविनाश कुमार और कलक्ट्रेट में गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। विधायक श्याम प्रकाश ने कहा कि नलकूप चालकों की कमी के कारण इनका संचालन प्रभावित हो रहा था।
अब नलकूप चालकों की भर्ती हो गई है तो सिंचाई व्यवस्था में भी सुधार आएगा। इस दौरान नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता भानु प्रताप सिंह, एसडीओ संजेश कुमार, विनोद थापा, रसिक बिहारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कानपुर के गोविंद नगर इलाका निवासी कीर्ति यादव ने 2011 में आईटीआई की पढ़ाई पूरी कर ली थी। अब उन्हें नियुक्ति मिली है। कीर्ति कहती हैं कि उन्हें सरकारी नौकरी की सख्त आवश्यकता थी।
उनके पिता वेद प्रकाश यादव कानपुर में चाय की दुकान चलाते हैं। पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर की कीर्ति की मां फूल दुलारी यादव का निधन हो चुका है। नियुक्ति पत्र मिलते ही कीर्ति की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।
विनोद कुमार पाल ने कहा कि वर्ष 2010 से 2012 के बीच आईटीआई में पढ़ाई के बाद से ही सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे थे। ज्योति नगर निवासी विनोद के पिता सराफ की दुकान पर काम करते हैं। पांच भाई बहनों मेें तीसरे नंबर के विनोद नियुक्ति पत्र मिलने से खुश नजर आए।
शहर में स्टेट बैंक वाली गली के निवासी अभिषेक ने सरकारी नौकरी के लिए लंबा संघर्ष किया। 2012 में आईटीआई की पढ़ाई पूरी होने के बाद वह ट्यूशन पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे। अभिषेक के पिता रमाशंकर मिश्रा बघौली में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आचार्य हैं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी सेे ड्यूटी करेंगे।
ग्राम भूराटीकुर की निवासी हर्षिता वाजपेयी ने 2015 में आईटीआई की पढ़ाई पूरी की थी। हर्षिता को नियुक्ति पत्र मिला तो वह खुशी से चहक पड़ीं। हर्षिता के पिता बीपी वाजपेयी का निधन हो चुका है और वह माता पिता की इकलौती संतान है। हर्षिता का कहना है कि सरकारी नौकरी मिलने से उसके साथ मां कल्पना वाजपेयी का भी सपना साकार हुआ है।