आठ सूत्री मांगों को लेकर कई दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों पर कार्रवाई की गाज गिर गई है। डीएम पुलकित खरे ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष समेत 12 लेखपालों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 394 लेखपालों को एस्मा के तहत नो वर्क नो पे का नोटिस जारी किया है।
काफी समय से लेखपाल विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 10 दिसंबर से आंदोलन काफी तेज हो गया और लेखपाल अपने क्षेत्रों के बस्ते जमा कर चुके हैं। हर रोज तहसील मुख्यालयों पर धरना भी दिया जा रहा है। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख दिखाया है।
डीएम पुलकित खरे ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा सदर तहसील के अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश, शाहाबाद तहसील अध्यक्ष नरेंद्र द्विवेदी, संडीला तहसील अध्यक्ष सत्यपाल, बिलग्राम के सुबोध कुमार, सवायजपुर के श्रीकांत को निलंबित किया गया है।
लेखपाल संघ के जिला मंत्री ज्ञानप्रकाश, सदर तहसील लेखपाल संघ के मंत्री श्रीपाल, शाहाबाद तहसील के आशीष कुमार, संडीला तहसील के सुशील कुमार, बिलग्राम तहसील के मंत्री नवकेश और सवायजपुर के मंत्री रामनाथ पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
डीएम पुलकित खरे ने बताया कि जिले में 428 लेखपाल तैनात हैं। इनमें से 406 लेखपाल हड़ताल में शामिल हैं। पांच लेखपाल चिकित्सा अवकाश पर हैं, जबकि 17 कार्य कर रहे हैं।