फोटो 22 : जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र उपायुक्त कार्यालय। संवाद
- प्रति एकड़ भूमि का सरकारी कंपनी को एक रुपये और निजी कंपनी को 15,000 रुपये देना होगा मासिक किराया
- ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में कंपनियों ने दिए थे प्रस्ताव, अब प्लांट लगाने में दिखाई रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। उद्योगों के क्षेत्र में जिले में उद्यम लगाने के लिए कंपनी संचालकों ने रुचि दिखाई है। कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना के लिए 12 कंपनियों ने पहल की है और भूमि की मांग की है। प्रशासन ने कंपनियों की रुचि और भूमि मांगे जाने पर लीज पर भूमि दिए जाने के लिए तहसीलों से प्रस्ताव तैयार कराने शुरू किए हैं।
औद्योगिक इकाईयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में कंपनियों ने हरदोई में उद्यम स्थापना के प्रस्ताव दिए थे। अब इन कंपनियों के लिए भूमि की तलाश शुरू कराई गई है। बताया गया कि सीबीजी प्लांट की स्थापना के लिए सरकारी क्षेत्र की कंपनी को एक एकड़ भूमि एक रुपये प्रतिमाह और निजी क्षेत्र की कंपनियों को 15,000 रुपये किराया देना होगा।
लीज पर भूमि सरकारी और निजी क्षेत्र से भी ली जा सकेगी। सीबीजी प्लांट के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और निजी क्षेत्र की रिलायंस और डीसीएम श्रीराम ग्रुप सहित 12 ने प्लांट के लिए 15 से 50 एकड़ तक भूमि मांगी है।
प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा
सीबीजी प्लांट की स्थापना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में कंपनियों ने प्रस्ताव दिए थे। तहसील शाहाबाद में सीबीजी प्लांट की स्थापना के लिए दो प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। जिसमें एक रिलायंस और दूसरा इंडियान ऑयल कॉरपोरेशन लि. के लिए है। अन्य तहसीलों से भी भूमि के प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। जल्द ही शासन को भिजवाया जाएगा, ताकि प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके। मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
फसल अपशिष्ट, गोबर आदि से बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा
जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त हर्ष प्रताप सिंह ने बताया कि सीबीजी में फसल अपशिष्ट, गोबर आदि से बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। जैव ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के प्रस्ताव पर काम शुरू कराया गया है। सीबीजी की स्थापना से जिले में फसल अपशिष्ट प्रबंधन और गोबर के उपयोग उत्पादित गैस का कंपनियों की ओर से औद्योगिक इकाईयों और अन्य कंपनियों को ईंधन की आपूर्ति की जाएगी।