मल्लावां (हरदोई)। उन्नाव के गंजमुरादाबाद से संडीला गौसगंज रोड को जोड़ने वाले लगभग बीस किलोमीटर लंबे मार्ग का 2 किलोमीटर हिस्सा 40 साल बाद भी नहीं बन पाया है। आसपास रहने वालों को इसके डामरीकरण का इंतजार है। इस मार्ग पर कई प्रमुख गांव पड़ते हैं। आएदिन इस मार्ग पर हादसे भी होते हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इस पर निगाह नहीं पड़ी।
उन्नाव के गंजमुरादाबाद और गौसगंज संडीला को आपस में जोड़ने वाले मार्ग पर मनमाने ढंग से काम कराया गया है। लालपुर भसूड़ा से नसीरपुर चौराहे तक जाने वाला 2 किलोमीटर का टुकड़ा कच्चा पड़ा है। लोगों ने बताया कि लगभग 40 साल पूर्व जब सड़क का डामरीकरण कराया गया था, तब इस हिस्से मेें भी गिट्टी और पत्थर डलवाए गए थे। लेकिन इसके बाद मार्ग की सुध नहीं ली गई। तब से सड़क जर्जर पड़ी है। लोगों का कहना है कि नसीरपुर तेरियां, भवानीपुर, बखोरा, इब्राहिमपुर, बरौना व दारुकुंइया आदि गांवों को जाने का यही रास्ता है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर वाहनों का निकलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक किसी ने समस्या के निराकरण में रुचि नहीं दिखाई।
मल्लावां के ग्राम भवनखेड़ा के प्रधान अखिलेश कुमार ने बताया कि लालपुर भसूड़ा से नजीरपुर चौराहे तक सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सड़क किनारे से भी कटने लगी है। जर्जर सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी जनप्रतिनधि और जिम्मेदार सड़क की कोई सुध नहीं ले रहे हैं।
तेरिया भवानीपुर निवासी डीएलएड के छात्र मिथुन कुमार ने बताया कि उन्हें हर रोज इसी मार्ग से होकर कॉलेज जाना पड़ता है। सड़क खराब है, जिसके कारण छात्र-छात्राएं समय पर कॉलेज व परीक्षा में नहीं पहुंच पाती हैं। जर्जर सड़क पर अक्सर लोग गिरकर चुटहिल होते हैं। सड़क बनेगी तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।
तेरिया भवानीपुर गांव निवासी आशुतोष मिश्र ने बताया कि 20 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बदहाल पड़ा 2 किलोमीटर हिस्सा सबके लिए परेशानी का सबब है। सड़क खराब होने के कारण स्कूली वाहन, एंबुलेंस व सवारी वाहन इधर आने से कतराते हैं। सड़क बने तो लोगों को परेशानी से निजात मिल जाएगी।
बखोरा गांव निवासी अनूप कुमार ने बताया कि जिला मुख्यालय से क्षेत्र की दूरी पर्याप्त है। कस्बा मुख्यालय भी काफी दूर है, जिसके कारण क्षेत्र शुरुआत से ही काफी पिछड़ा है। क्षेत्र के लोग इसी की सजा भुगत रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी आज तक कोई जिम्मेदार न तो मौके पर आया और न ही किसी ने सड़क के निर्माण को लेकर कार्रवाई की।