- पांच साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
हरदोई। किशोरी से दुष्कर्म के पांच साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह ने युवक को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश अपर दिया गया है।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि दो अगस्त 2019 को उसकी पुत्री (16) घर से राघौपुर चौराहा किसी काम से गई थी। इस दौरान पाली थाना क्षेत्र के बाबरपुर गांव निवासी विकेश अपनी पत्नी छुट्टन के साथ किशोरी को बहलाकर ले गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना में पता चला कि माधौगंज थाना क्षेत्र कुरसठ कस्बा के मोहल्ला मियागंज निवासी टीटू किशोरी को बहलाकर ले गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा था। बाद में टीटू को गिरफ्तार कर लिया गया था। विकेश और छुट्टन की नामजदगी गलत मिली थी। किशोरी ने न्यायालय को बताया था कि टीटू के परिवार में उसकी रिश्तेदारी है। इसी वजह से जान पहचान थी। दोषी उसे बहलाकर साथ ले गया था और दुष्कर्म भी किया था। 66 तारीखों पर सुनवाई के बाद अपर जिला जज ने सजा सुनाई है।
नाबालिग की सहमति कानून की नजर में शून्य
अपर जिला जज ने कहा कि न्यायालय में पेश हुए सबूत से यह स्पष्ट है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था। इसीलिए पीड़िता अपनी मर्जी से अभियुक्त के साथ दिल्ली गई थी। कहा की पीड़िता की उम्र 16 साल है। इसलिए वह नाबालिग है। कानून की नजर में नाबालिग की सहमति शून्य होती है