- एक ही फर्म से कई-कई ग्राम पंचायतों में ली गई आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मार्च की आपाधापी में पंचायत सचिवों ने भुगतान की जल्दबाजी में पंचायत सचिवालय के स्थान पर अपने हिसाब से भुगतान कर दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे की व्यवस्था में यह भुगतान मैच नहीं कर रहे हैं। पंचायत सचिवों ने करीब 10 लाख रुपये से अधिक के यह भुगतान 29 मार्च से 1 अप्रैल के मध्य किए हैं।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से गांवों के विकास और निर्माण के लिए राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये दिए जाते हैं। भुगतान के लिए पंचायत सचिवालय पर कार्यालय स्थापित कराए गए हैं। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के गेटवे पर कंप्यूटर को को-लोकेटेड किया गया है। जिससे पंचायत सचिवालय के बाहर से किए जाने वाले भुगतान गेटवे पर मैच नहीं करते हैं।
गेटवे पर मैच न करने वाले भुगतान में विकास खंड भरखनी की ग्राम पंचायत भाभर केशवपुर में 31 मार्च को दो और एक अप्रैल को दो बार में करीब 3,00,000 रुपये का भुगतान बजरंग ट्रेडर्स और बाला जी सप्लायर्स को पंचायत सचिव सतेंद्र कुमार शर्मा ने किए हैं। टोडरपुर की ग्राम पंचायत फैजुल्लापुर में 29 व 30 मार्च को 19 भुगतान किए गए हैं।
पंचायत सचिव लिपसिका दीक्षित ने गीता ट्रेडर्स, बाला जी टेडर्स, जय महाकाल टेडर्स को भुगतान किए हैं। ऐसे ही भरखनी के भैलामऊ और बहोरा में पंचायत सचिव सर्वेश कुमार राना की ओर से किए गए 52 भुगतान मैच नहीं कर रहे हैं। पंचायत सचिव ने भैलामऊ में पांडेय ट्रेडर्स एंड सप्लायर्स, जय मां गंगे इंटरलॉकिंग और बहोरा में भी पांडेय ट्रेडर्स एंड सप्लायर्स आदि को भुगतान किए गए हैं।
कोट
गेटवे से हटकर भुगतान किए जाने पर पंचायत सचिव सर्वेश कुमार राना, सतेंद्र कुमार शर्मा और लिपसिका दीक्षित को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी से तीन दिन में साक्ष्य सहित जवाब मांगे गए हैं। काम और भुगतान की पत्रावलियां भी तलब की गईं हैं। परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ