जसरूपनगर के बाह्य छोर पर भरा दूषित पानी और प्रशासन की अनदेखी नौनिहालों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सब कुछ देखते और जानते हुए भी प्रशासन पूरे मामले में अंजान बना हुआ है।
क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप से करीब आधा दर्जन से अधिक बच्चे मलेरिया और वायरल की चपेट में हैं। साथ ही अनेक बच्चे अन्य बीमारियों के चलते स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सतर्क नहीं है, इससे कालोनी के लोग खासे परेशान हैं।
बता दें कि, जसरूपनगर के बाह्य छोर पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित और जहरीला पानी भरा हुआ है। सैकड़ों घरों की दहलीज तक यह पानी पहुंच सका है। मकानों की दीवारें दरक रही हैं, हैंडपंप तक जहरीला पानी उगल रहे हैं।
इलाके में अब मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि लोगों को मलेरिया और वायरल बुखार से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को कालोनी में आधा दर्जन से अधिक बच्चे बुखार से तड़पते मिले।
अभिभावकों का कहना था कि मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि रात तो दूर दिन के समय भी मच्छर लोगों को काटते हैं। छोटे बच्चों पर मलेरिया और वायरल हावी हो रहा है। बता दें कि, कालोनी से बाहर निकलने के लिए मुख्य मार्ग पर भी घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है।
ऐसे में बच्चों को सर्दी में भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन की टीम अभी तक मौके पर नहीं पहुंची है।
जसरूपनगर में बुखार से पांच वर्षीय कुणाल, चार वर्षीय अंशिका, तीन वर्षीय गोलू, पांच वर्षीय खुशबू, दो वर्षीय राहुल, तीन वर्षीय राधे, चार वर्षीय रोहित बुखार से पीड़ित हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में है। जल्द ही टीम को मौके पर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराकर उन्हें दवाइयां वितरित की जाएगी।
वहीं, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि समस्या गंभीर है। मामले में अधिकारियों और चिकित्सकों की टीम को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जो बच्चे बीमार हैं उन्हें भी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाएगी।