सिग्नल न मिलने से हेलीकॉप्टर न उतरने पर फायर ब्रांड नेता योगी आदित्य नाथ बुधवार दोपहर जनसभा में नहीं पहुंच पाए। इससे गुस्साए भाजपा और सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर जानबूझकर हेलीकॉप्टर न उतरने देने का आरोप लगाकर विरोध में जमकर नारेबाजी की।
गढ़ के बारादरी मैदान में भाजपा के फायर ब्रांड नेता और गोरखपुर से सांसद योगी आदित्य नाथ की होनी थी। योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए सुबह से ही समर्थक जुटने शुरू हो गए थे। योगी को दोपहर तीन बजे सभा स्थल पर पहुंचना था।
ढ़ाई बजे उनका हेलीकाप्टर सभास्थल के ऊपर उड़ता दिखा तो तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। समर्थक मोदी, योगी और जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। पुलिस प्रशासन की टीम ने हेलीकाप्टर को उतरने का सिग्नल नहीं दिया।
कई चक्कर लगाने के बाद हेलीकाप्टर वापस लौट गया। शाम चार बजे पता लगा कि पुलिस-प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर उतारने की इजाजत न दिए जाने पर योगी बड़ौत चले गए हैं।
इससे समर्थकों के चेहरे लटक गए। भाजपा और सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अफसरों की मनमानी और राजनीतिक दबाव के चलते योगी को जनसभा में पहुंचने से रोकने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
हंगामा होने के दौरान एलान हुआ कि योगी जी मोबाइल से संबोधित करेंगे, तो कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साध ली। योगी आदित्य नाथ ने संबोधन में कहा कि सपा सरकार के दिन बहुत जल्द लदने वाले हैं। भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।
देश में भाजपा ही राष्ट्रीय और देशभक्ति की सोच रखने वाली पार्टी है, जिसने मोक्ष दायिनी गंगा की जलधारा को फिर से अविरल और निर्मल बनाने को नमामि गंगे अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर बहन-बेटियों की इज्जत से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।
भयमुक्त समाज की स्थापना के साथ ही भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान और देशभक्तों का अपमान और उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पीएम मोदी समाज के बेहद निचले तबके से जुड़े हुए हैं।
योगी का कार्यक्रम रद्द होने से खफा भाजपा प्रत्याशी कमल सिंह मलिक ने निर्वाचन आयोग में गुहार लगाई है। प्रेक्षक को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि सुबह 11 से शाम 6 बजे तक की अनुमति होने के बाद भी सपा सरकार के दबाव में पुलिस-प्रशासन ने जमकर मनमानी की है।
दोपहर ढाई बजे हेलीकाप्टर ने सभा स्थल का राउंड लिया था, लेकिन बार बार आग्रह करने के बाद भी धुआं कर उतराने का सिग्नल नहीं दिया गया। जिससे वर्ग विशेष को खुश करने के लिए शासन-प्रशासन ने साजिश रची।