हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में चेकिंग कर दूसरे समुदाय के लोगों की दुकानों को हटवाने के लिए समर्थकों के साथ जा रहे यशवीर महाराज को कोतवाली पुलिस ने चौराहे पर रोक दिया। महाराज ने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया, तो वह मेला समाप्ति तक यहीं बैठे रहेंगे।
पूर्व घोषणा के अनुसार, यशवीर महाराज दर्जनों समर्थकों को साथ लेकर मेला स्थल की ओर चले, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस टीम चौराहे पर पहुंच गई।
जहां पुलिस ने महाराज और उनके अनुयायियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस-प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में न जाने देने का दबाव बनाने पर महाराज और उनके साथ मौजूद लोग चौराहे के निकट ही धरना देकर बैठ गए।
यशवीर महाराज ने कहा कि मां गंगा के साथ ही हिंदू धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेले धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। जिनमें समुदाय विशेष के लोगों का हस्तक्षेप और उनकी दुकान किसी भी दशा में नहीं लगने दी जाएंगी। क्योंकि, इस तरह के लोग भोजन को दूषित करने के साथ ही हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं।
ऐसे एक नहीं, बल्कि अनेक मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें वायरल हुए वीडियो में इस तरह की दूषित मानसिकता के लोग भोजन में मल-मूत्र, थूक मिलाते हैं। इसके बावजूद हिंदू धार्मिक स्थलों व मेलों में इन्हें नहीं रोका जा रहा। महाराज ने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन ने उन्हें मेला क्षेत्र में नहीं जाने दिया, तो वह और उनके अनुयायी मेला समाप्ति तक यहीं पर बैठे रहेंगे।