सूर्य देवता का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी और लू से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इसमें आग पर घी डालने का काम बिजली निगम कर रहा है। बिजली की अघोषित कटौती से भीषण गर्मी में लोगों का बुरा हाल है।
शनिवार को पारा 42 डिग्री सेल्सियस बेशक रहा। लेकिन आसमान से बरस रही आग ने नागरिकों को दिन भर परेशान रखा। दोपहर के समय सड़कों पर बहुत कम लोग दिखाई दे रहे थे। भीषण गर्मी में काफी देर तक मयूरी, रिक्शा चालक यात्रियों का इंतजार करते रहे।
गर्मी के कारण लोग घरों से कम निकले। लोग गर्मी से बचने के लिए चौराहों और मुख्य मार्गों पर खुली गन्ने के रस, शिकंजी, लस्सी से गला तर कर गर्मी को दूर करने की कोशिश कर रहे थे।
सूर्य देवता के प्रकोप के आगे लोगों का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा था। लू के थपेड़ों और गर्मी से बचने के लिए लोग छातों और सूती कपड़ों का सहारा लेकर घरों से निकल रहे थे। बाजार में दुकानदार भी हाथ पर हाथ रख ग्राहकों के आने का इंतजार कर रहे थे।
गर्मी के कारण बुजुर्ग और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। भीषण गर्मी में राहत देने के बजाए निगम के अफसर आग में घी डालने का काम कर रहा है। छह घंटे की शैड्यूल के अनुसार कटौती के बाद अघोषित कटौती और लोकल फाल्ट से लोगों का बुरा हाल है।