छात्रसंघ चुनाव की आहट के साथ ही कॉलेजों में छात्र नेता सक्रिय हो गए हैं। नए वोटरों को रिझाने के लिए नेता तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। छात्र नेता नए छात्रों की हर समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं। शहर के दोनों मुख्य कॉलेजों में सपा छात्रसभा और एबीवीपी में वर्चस्व बनाए रखने की होड़ लग गई है।
शहर के प्रमुख शैक्षिक संस्थान एसएसवी पीजी कॉलेज में हजारों की संख्या में छात्र दूर दराज से पढ़ने के लिए आते हैं। ऐसे में बड़े नेताओं की नजर भी इस चुनाव पर रहती है। बीते कई वर्ष से एसएसवी पीजी कॉलेज में सपा छात्रसभा अपना परचम लहरा रही थी,
लेकिन बीते वर्ष अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज कर सपा छात्रसभा को हिला कर रख दिया था। अब छात्रसंघ चुनाव की आहट के साथ ही शहर के एसएसवी व एकेपी पीजी कॉलेज में छात्र नेताओं ने नए प्रवेश पाने वाले स्टूडेंट्स को पार्टी से जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सपा छात्रसभा और एबीवीपी से जुड़े छात्रनेता अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए छात्रों पर पकड़ मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शशि वशिष्ठ का कहना है कि जल्द ही छात्रसंघ चुनाव कराया जाएगा। फिलहाल प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। छात्रसंघ चुनाव की तैयारी भी की जा रही है।