हापुड़। दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम में सरकारी आपूर्ति में आने वाला फफूंदीनाशक भी मिला है, जो एक्सपायर पाया गया है। साथ ही 10 कंपनियों का कीटनाशक भी धड़ल्ले से बिक्री होता मिला, जबकि कंपनियों ने न तो इन्हें लाइसेंस दिया और न ही अधिकृत किया था।
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी उस समय आश्चर्य में पड़ गए जब उन्हें कंपनी के गोदाम में सरकारी आपूर्ति का फफूंदी नाशक मिला। वह भी एक्सपायर था, जो वर्ष 2016 का था। अधिकारियों ने इस पर आशंका जताई है कि एक्सपायर उत्पादों को भी किसी तरह बेचा जा रहा होगा। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के गोदाम में उन 10 नामचीन कंपनी के कीटनाशक मिले हैं, जिन्हें बेचने के लिए न तो कंपनियां ने इन्हें अधिकृत किया और न ही लाइसेंस दिया।
दो फर्मों के लिए केवल एक तकनीकी कर्मचारी
अधिकारियों की जांच में मुख्य बात यह सामने आई है कि इस तरह के कार्यों के लिए एक तकनीकी कर्मचारी की जरूरत होती है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मौके पर तकनीकी कर्मचारी की चौथे सेमेस्टर की मार्कशीट और प्रमाण पत्र जरूर मिले, लेकिन उक्त कर्मचारी वहां नहीं मिला और न ही उससे बात कराई गई। जबकि दोनों फर्म पर वही कर्मचारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों फर्म का स्थान भी एक है, जो नहीं होना चाहिए।
बिना स्वीकृति इन कंपनियों का बेच रहे कीटनाशक
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम में नामचीन कंपनी पीआई, इंडोफिल, यूपीअल, कोर्टेबा, अडामा, नागार्जुन, पोरोमंडल, टाटा टेलीश, स्वाल एग्रोकमिकल, बीसीएम श्रीराम कंपनी के बड़ी मात्रा में कीटनाशक मिले। बताया गया है कि इन कंपनियों की ओर से कीटनाशक बिक्री के लिए कोई प्रिंसिपल सर्टिफिकेट नहीं दिया गया और न ही कृषि विभाग से लाइसेंस पर अनुमति ली गई।