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डीएपी के साथ थोप रहे महंगा जैविक, हंगामा

Thu, 19 Nov 2015 01:05 PM IST
अमर उजाला, हापुड़
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दिल्ली रोड चमरी स्थित कृषक सेवा सहकारी समिति पर किसानों को खुला शोषण हो रहा है। किसानों को डीएपी के साथ जबरन महंगा जैविक दिया जा रहा है।
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जैविक लेने से इंकार करने वाले किसानों को डीएपी देने से मना कर दिया जाता है। बुधवार को बड़ौदा हिंदुवान के किसानों ने समिति कर्मियों की दबंगई के विरोध में हंगामा किया।

धान की कटाई के बाद अब किसान आलू और गेहूं की बुवाई में लगे हैं। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की ज्यादा आवश्यकता है, लेकिन सहकारी समिति कर्मी किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
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डीएपी की किल्लत के चलते किसान मुंह मांगे पैसे देकर खाद खरीद रहे हैं। बुधवार को गांव बड़ौदा हिंदवान निवासी किसान कुंवरपाल, नैनसिंह, उमेश तोमर डीएपी लेने सहकारी समिति पर पहुंचे।

समिति कर्मियों ने पहले तो डीएपी के पुराने कट्टों को वर्तमान रेट पर थमा दिया। कट्टे पर प्रिंट रेट कम होने पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। समितिकर्मी जबरन किसानों को महंगा जैविक कट्टों के साथ देने लगे।

किसानों ने विरोध किया तो कर्मियों ने कहीं ओर से कट्टे खरीदने की हिदायत दी। इससे गुस्साए किसानों ने समिति में हंगामा कर दिया। कृषि अधिकारियों को भी सूचना दी गई, लेकिन कृषि अधिकारी मीटिंग में व्यस्त थे।

किसानों के पक्ष में गरजे कांग्रेसी, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
गन्ना किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार एसपी सिंह को सौंपा।

बुधवार दोपहर कांग्रेसी कलक्ट्रेट पहुंचे और गन्ना भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार एसपी सिंह को ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में सभी गन्ना किसानों का बकाया गन्ना मूल्य ब्याज सहित किसानों को दिलाने, वर्ष 2015-16 में गन्ना किसानों को 350 रुपये प्रति कुंतल का भाव प्रदेश सरकार से दिलाने की मांग की गई।
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ये भी मांग की गई कि गन्ना किसानों से हो रही ऋण वसूली तब तक रोकी जाए जब तक पूर्ण गन्ना भुगतान न हो जाए। कांग्रेसियों ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि राज्य सरकार की कार्यशैली पर अंकुश लगाते हुए उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
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