अब स्कूल में सिगरेट के कश लगाने या तंबाकू आदि का सेवन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक की तरफ से जारी आदेश में डीआईओएस को जिले के समस्त विद्यालयों को तंबाकू मुक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके लिए स्कूल में तंबाकू निषेध कमेटी का गठन भी किया जाएगा। अब यूपी बोर्ड से संबद्ध जिले के समस्त विद्यालयों के मेन गेट पर तंबाकू मुक्त विद्यालय का बोर्ड लगाया जाएगा। साथ ही तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान आदि का सेवन दंडनीय अपराध है, का भी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
स्कूल में शिक्षक, कर्मचारी और आगंतुक कोई भी तंबाकू का सेवन नहीं करेगा। स्कूल में तंबाकू पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए एक तंबाकू निषेध कमेटी का भी गठन किया जाएगा। इसमें शिक्षक, छात्र और एनजीओ के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा स्कूल में समय-समय पर तंबाकू निषेध कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही पीटीएम में भी इस पर जोर दिया जाएगा कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ जानलेवा भी है। लिहाजा, इसका सेवन बंद होना चाहिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक बीके शर्मा ने बताया कि उन्हें निदेशक का आदेश प्राप्त हो गया है। जल्द विद्यालयों के प्रधानाचार्य को तंबाकू निषेध कमेटी के गठन और स्कूल के बाहर तंबाकू मुक्त विद्यालय का बोर्ड लगाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 35 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। यहां तक कि बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं।
इससे उनके कोमल मन मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब इसे रोकने के लिए माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।