गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट स्थित श्मशानघाट में बृहस्पतिवार की दोपहर पुतले के अंतिम संस्कार की कोशिश कर रहे दिल्ली निवासी दो युवकों के पकड़े जाने के बाद पालिका ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। अब मृतक का चेहरा और आधार कार्ड देखने के बाद ही रजिस्टर में मृतक के नाम की एंट्री की जाएगी। इसके बाद दाह संस्कार की अनुमति दी जाएगी। डीएम अभिषेक पांडेय की सख्ती के बाद पालिका ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बृहस्पतिवार की दोपहर दिल्ली निवासी कपड़ा व्यापारी कमल सोमानी और आशीष खुराना बीमा क्लेम हड़पने की साजिश रचकर पुतला कार में रखकर ब्रजघाट श्मशान घाट पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक का नाम अंशुल बताया, लेकिन शव को कार से उतारने के दौरान वजन काफी कम होने पर वहां तैनात पालिकाकर्मी नितिन ने मृतक का चेहरा दिखाने को कहा। इस पर दोनों युवक बहानेबाजी करने लगे। इसी दौरान कर्मचारी ने शव के पैर से कपड़ा हटाया तो प्लास्टिक का पुतला नजर आया।
इस मामले के बाद डीएम अभिषेक पांडे ने पालिका-प्रशासन को इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने का निर्देश दिया। नगर पालिका चेयरमैन राकेश कुमार बजरंगी और ईओ पवित्रा त्रिपाठी के आदेश पर श्मशानघाट में तैनात कर्मचारी मृतक का चेहरा और पहचान पत्र देखने के बाद ही रजिस्टर में उनके नाम की एंट्री कर रहे हैं। मृतक की पूरी पहचान के बाद ही उनका नाम दर्ज किया जा रहा है।
पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को मृतक का चेहरा और पहचान का कोई भी प्रमाण मिलने के बाद ही उनके नाम की एंट्री रजिस्टर में करने का निर्देश दिया गया है। यह प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसमें लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, श्मशानघाट की चाहरदीवारी कराकर एंट्री गेट बनवाया जाएगा। इसी गेट से अंतिम यात्रा वाहन श्मशान घाट में पहुंचेंगे। मृतक की पूरी पहचान के बाद ही पालिका स्तर से दाह संस्कार प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।