आलू की बंपर पैदावार होने पर अब किसानों को इसके बर्बाद होने या सस्ते में बिक्री से नुकसान की आशंका कम हो जाएगी। शासन ने आलू को ऐसे राज्यों में बिक्री कराने की तैयारी की है, जहां इसके अच्छे दाम मिलेंगे। ऐसे में भंडारण से बचे आलू को देश की नामचीन मंडियों में सप्लाई कराया जाएगा।
आलू के संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने के साथ ही दूसरे राज्यों में इसके दाम की सूचना एकत्रित की जा रही है। आलू के रिकार्ड उत्पादन से किसानों के चेहरे खिल गए थे। उत्तर प्रदेश में इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई, लेकिन इसके भाव और भंडारण की समस्या से मायूसी हाथ लगी।
क्षेत्र के तमाम शीतगृह आलू से भरे हैं। किसानों के पास भी बड़ी मात्रा में आलू पड़ा है। इसकी अधिक पैदावार को देखते हुए सरकार ने दूसरे राज्यों में सप्लाई की योजना तैयार की है। कम आलू उत्पादक राज्यों में आलू भेजा जाएगा। देश की मंडियों में आलू की कीमतों पर नजर रखी जा रही है।
आलू के बड़े उत्पादक किसानों और शीतग्रहों सहित इसकी उपलब्धता पर रिपोर्ट तैयार हो रही है। शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को सूचित कर दिया है। कृषि और उद्यान विभाग ने रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।
शीघ्र ही आलू की सप्लाई पूर्वोत्तर के साथ ही दक्षिण के राज्यों को किया जाएगा। दक्षिण के राज्य कर्नाटक और केरल में आलू की मांग और कीमत अधिक है। आलू कारोबारी अनिल गुप्ता ने बताया कि हापुड़ के कोल्ड स्टोर में करीब 1250 लाख कुंतल आलू का भंडारण किया गया है।
डीएम कृष्णा करुनेश ने बताया कि इस संबंध में अपर निदेश उद्यान राणा प्रताप सिंह का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसके बाद मांगे गए बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।