अज्ञात कारणों से लगी आग में गेहूं की 23 बीघा फसल राख हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि सूचना के बाद भी अग्निशमन दल काफी देर से पहुंचा। साथ ही गाड़ी में पानी नहीं था। ऐसे में आग पर काबू पाने में टीम को काफी समय लग गया।
पीड़ित ने दमकल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुरानी दिल्ली रोड किनारे फ्लाई ओवर के पास मंगलवार सुबह करीब 12 बजे जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसने तैयब चौधरी के खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें देख आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने तैयब को खबर दी और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। पीड़ित किसान का कहना है कि वह फायर स्टेशन को कॉल करता रहा, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इसके बाद वह खुद फायर स्टेशन गया। करीब आधा घंटे बाद दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची लेकिन उसमें पानी नहीं था। पानी भरने में काफी समय लग गया। इस दौरान उसकी लाखों रुपये कीमत की करीब 23 बीघा तैयार फसल जलकर राख हो गई।
फायर स्टेशन इंचार्ज नेपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल गाड़ी को मौके पर भेज दिया गया था। आग विकराल थी, इसलिए जल्द ही गाड़ी का पानी खत्म हो गया। इसलिए दोबारा पानी भरना पड़ा।
शाहपुर चौधरी गांव में किसान वेदप्रकाश के खेत में खड़ी छह बीघा गेहूं और झड़ीना में सुरेंद्र शर्मा के खेत में खड़ी गन्ने की करीब 12 बीघा फसल में मंगलवार सुबह अज्ञात कारणों से आग लग गई। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन दल ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
बिजली के तारों से निकली चिंगारी से लगी आग से झोपड़ी सहित घेर में बने भूसे के बोंगे और बिटोरे जलकर राख हो गए। इससे किसानों का हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
गढ़ के गांव अब्दुल्लापुर में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे बिजली के तारों से उठी चिंगारी से भोपाल के घेर में बनी झोपड़ी में आग लग गई। जल्द ही आग पड़ोसी किसान छोटे के घेर में रखे भूसे के बोंगे और बिटोरे तक फैल गई।
फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम आरएन पांडेय ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।