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‘हमें नहीं खिलाई गई कोई दवा’

Sat, 20 Feb 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला, हापुड़
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नेशनल डिवार्मिंग डे की सफलता की पोल बच्चों ने खोल दी है। विभिन्न स्कूल के बच्चों ने बताया कि उन्हें पेट के कीड़े मारने के लिए कोई दवा नहीं खिलाई गई है।
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वहीं कई स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि स्कूल में दवा का स्टॉक ही नहीं पहुंचा। पेट में कीड़ों से बच्चों में खून की कमी, कमजोरी, कुपोषण, शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।

इन समस्याओं से राहत दिलाने के मकसद से सरकार ने 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाने का निर्णय लिया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 फरवरी को एक से लेकर 19 साल तक के बच्चों को डिवार्मिंग की दवा खिलाई जानी थी।
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इसके प्रचार प्रसार के लिए भी शासन ने लाखों रुपये का बजट स्वीकृत किया था। 10 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कृमि मुक्ति दिवस की शत प्रतिशत सफलता का दावा किया।

लेकिन सचाई यह है कि बेसिक स्कूलों के अधिकांश बच्चों को यह दवा नहीं खिलाई गई। शासन ने छूटे बच्चों को 15 फरवरी को दवा खिलाने के निर्देश जारी किए थे।

लेकिन स्वास्थ्य अफसर शासन के इस आदेश को भी ठेंगा दिखा गए। नाम न छापने की शर्त पर नगर के कई बेसिक स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाओं का स्टॉक ही उपलब्ध नहीं कराया गया। इसलिए बच्चों को दवा नहीं दी गई।

कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत मुख्यत: देहात अंचल के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दवा खिलाई गई थी। शहर के कुछ स्कूलों में ही दवा दी गई थी। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में जल्द ही बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। - डॉ. अवधेश कुमार, सीएमओ
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10 फरवरी को माता-पिता ने स्कूल में दवा खाने की बात कह भेजा था। लेकिन स्कूल में दवा नहीं खिलाई गई। - शायमा, छात्रा

स्कूल में शिक्षकों ने बताया था कि 10 फरवरी को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जाएगी। लेकिन उन्हें किसी ने दवा नहीं खिलाई। - ऊषा, छात्रा
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