हापुड़। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। 200 में से अभी तक 105 गांवों ओवरहेड टैंक बनाने का काम पूरा हुआ है। लेकिन इनमें भी मात्र 45 गांवों में ही पानी की आपूर्ति हो रही है। जबकि, पहले यह काम पिछले साल मार्च और इसके बाद दिसंबर में पूरा होना था।
जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत हर घर नल से जल की योजना जिले में भी संचालित है। योजना के तहत शुद्ध पेयजल हर ग्रामीण को उपलब्ध कराना है। जिले में योजना के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में अवर जलाशय, ट्यूबवेल और पाइप लाइन बिछाकर मार्च 2024 से पूर्व काम पूरा करके पेयजल आपूर्ति सुचारू करानी थी। योजना के लिए जनपद के 236 राजस्व ग्रामों का सर्वेक्षण पूरा किया गया था, इसमें 200 राजस्व ग्रामों के लिए नई डीपीआर बनाकर कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन 50 प्रतिशत गांवों में आज भी काम पूरा नहीं हुआ है।
सौर ऊर्जा से होंगे संचालित
योजना के तहत मौके पर सोलर पैनल भी लगाए जा रहे हैं। इन सोलर पैनल के जरिए ही नलकूप, पंप हाउस आदि का संचालन होगा। इससे हर साल खर्च होने वाला करीब पांच करोड़ रुपये का बिजली का बिल भी बचेगा।
जनपद में योजना की स्थिति
अवर जलाशय 200
ट्यूबवेल 200
पंप हाउस 200
वितरण प्रणाली 1565 किलोमीटर
गृह संयोजन 120642
प्रति स्थल पर प्रोजेक्ट की कीमत करीब 70 लाख
लाइनों में लीकेज की समस्या अधिक
जल निगम ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल लाइन बिछाई हैं। कई गांवों में नई लाइनों में लीकेज की समस्या है। कुछ गांवों में लाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों को ठीक नहीं कराया गया है। गांव वझीलपुर में नवनिर्मित पानी की टंकी में पानी भरने के बाद कई जगह से रिसाव हो गया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। जबकि, जिस कंपनी को लाइन बिछाने और अन्य निर्माण कार्य का टेंडर मिला है। उसे 10 साल तक अनुरक्षण करना है।
कोट -
हर हालत में अक्तूबर तक काम पूरा करके 100 प्रतिशत योजना को सफल बनाएंगे। करीब 40 टंकियों का निर्माण कार्य अगले माह तक पूरा हो जाएगा। करीब 80 स्थानों पर ट्रायल चल रहा है। दो स्थानों पर जमीन के लिए बातचीत चल रही है।- विनय रावत, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण