हापुड़। नगर पालिका के गृह, जल और सीवर टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव का मंगलवार को बैठक में व्यापारियों, सभासदों और आमजन ने जमकर विरोध किया। व्यापारियों ने सख्त चेतावनी दी कि यदि 10 से 11 गुना तक टैक्स बढ़ाने का प्रयास किया तो बाजार बंद करके धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। करीब दो घंटे तक चली बैठक में आपत्तियों पर सुनवाई हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। जिसके बाद अब चार मार्च को फिर से बैठक बुलाई गई है।
पालिका के टैक्स बढ़ाने का असर शहर के 46 हजार भवन स्वामियों पर पड़ेगा। ईओ व डिप्टी कलक्टर मनोज कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। कर निर्धारण अधिकारी एससी भारतीय ने शासन के आदेश की जानकारी दी। इसके साथ ही व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र पंसारी ने कहा कि दूसरे जिलों में वर्ष 2013 में भी वार्ड अनुसार टैक्स बढ़ाया गया था, जिसकी शहर में मोहल्ले के अनुसार टैक्स बढ़ा। यदि उस समय गलती हुई तो अब फिर से वहीं गलती नहीं होनी चाहिए। बुलंदशहर जिले में गुना की जगह प्रतिशत में टैक्स में बढ़ोतरी हुई थी। हापुड़ स्मॉल स्केल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन गुप्ता ने कहा कि व्यावसायिक भवनों पर कोई छूट नहीं है। इसलिए टैक्स न बढ़ाया जाए। गोविंद अग्रवाल ने कहा कि जनता पर बोझ न पड़े। यह हमें दूसरी पालिकाओं से सीखना चाहिए। राजीव गर्ग ने कहा कि एक प्रदेश में नगर पालिकाएं अलग-अलग प्रकार से टैक्स बढ़ा रही हैं, यह भेदभाव न किया जाए। हर दो वर्ष के अंदर टैक्स बढ़ाएंगे तो लोग सड़क पर उतरकर पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे।
संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने कहा कि शहर में कई ऐसी जगह हैं, जहां पर सर्किल रेट ज्यादा है। जबकि, संपत्ति की कीमत कम है। इस प्रकार टैक्स बढ़ेगा तो लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। लोग अभी तक वर्ष 2013 में बढ़ाए गए टैक्स को ही नहीं दे रहे हैं। रविंद्र गुप्ता ने कहा कि इतना अधिक टैक्स बढाएंगे तो जितना टैक्स मिल रहा है, वह भी मिलना बंद हो जाएगा। सभासद विकास दयाल, नितिन पाराशर ने कहा कि सभी 41 सभासदों ने इस टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध किया है। इस पर व्यापारियों ने कहा कि पहले टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास कराए। सभासद प्रस्ताव पास कर देंगे तो सबसे अधिक नुकसान उन्हें ही होगा। बैठक में लोगों ने आवारा कुत्ते, बंदर, पशुओं, जर्जर सड़क और दूषित पेयजल आदि की समस्याएं भी उठाईं।
बैठक में हापुड़ केमिस्ट एसोसिएशन के मंत्री विकास गर्ग, सुरेश चंद संपादक, अरुण, बिमल सरीन, सचिन जिंदल, विमेश गोयल, सभासद रोहताश यादव, सभासद मुकेश कोरी, कपिल अग्रवाल, दीपक बंसल, गौरव गोयल, सत्येंद्र गौड, मोहन शाह, मूलचंद गुप्ता, संजय डाबर, मनमोहन छाबड़ा, सुभाष चंद शर्मा, अजय कस्तूरी, सुशील शास्त्री, रोहताश यादव, संजय सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
बैठक में मौजूद रहें पालिकाध्यक्ष
व्यापारी नेता संजय अग्रवाल ने कहा कि शहरवासियों पर इतना बड़ा टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। बैठक में निर्णय होने के बाद भी गोल मार्केट के लिए पार्किंग तक नहीं बनाई गई। इस बैठक में पालिकाध्यक्ष को जरूर बुलाया जाए। कम से कम लोगों की दिक्कतों की जानकारी उन्हें हो। जिस पर अन्य सभी व्यापारियों ने भी अगली बैठक में पालिकाध्यक्ष को जरूर बुलाने की मांग की।
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पहले मूलभूत सुविधाएं मिलें
पहले लोगों की मूलभूत सुविधाओं का समाधान हो, इसके बाद ही शहर में टैक्स बढ़ाने पर विचार हो। इस प्रकार टैक्स लेंगे तो यह गलत निर्णय होगा।
- अरुण गर्ग
निर्णय से लोगों में नाराजगी
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पालिका के इस निर्णय से लोगों में नाराजगी है। व्यापारियों को बाजारों में सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। फिर टैक्स बढ़ाना तो गलत होगा। लोग बहुत अधिक परेशान हैं। - ललित जिंदल
गरीब जनता पर बड़ा असर
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गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों पर इसका बड़ा असर होगा। यदि पालिका हर दो साल में टैक्स बढ़ाएगी तो लोग शहर से गांव की ओर पलायन करने लेंगे।
- मनमोहन छाबड़ा
कोट -
बैठक में आपत्तियों पर सुनवाई हुई है, लेकिन अभी कोई समाधान नहीं निकला है। इसलिए चार मार्च को फिर से बैठक बुलाई गई है। कोशिश है कि शहरवासियों की सहमति से ही टैक्स को बढ़ाया जाए। जिससे पालिका की आय भी बढ़े और शासन के आदेश का पालन हो।
- मनोज कुमार, ईओ, नगर पालिका