हापुड़। बिजलीघरों पर लो वोल्टेज की मार है। इस सप्ताह में ही 1500 से अधिक वोल्टेज घटे हैं। इसका असर समूचे जिले पर पड़ रहा है। पावर ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं, मशीनें भी लगातार ट्रिप कर रही हैं। घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बनने लगे हैं। देहात में नलकूपों के फीडरों की हालत बेहद बदतर है, यहां हर दस मिनट में कटौती हो रही है।
भीषण गर्मी का सितम जारी है। जिले के सवा तीन लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने के लिए 53 बिजलीघर बने हैं। विभिन्न क्षमता के इन बिजलीघरों पर अब लो वोल्टेज की मार है। बिजलीघरों को बेहतर सप्लाई के लिए 11 हजार वोल्टेज की आवश्यकता होती है लेकिन इन दिनों यह 9500 या इससे भी कम मिल रहे हैं।
वोल्टेज कम होने के कारण मशीनों पर लोड अधिक बढ़ रहा है। ट्रांसफार्मर जल्द गर्म हो रहे हैं, जिन्हें ठंडा करने के लिए पानी की बौछार या कूलर पंखे तक चलाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि गांव, मोहल्लों में लगे विद्युत उपकरण सही से काम भी नहीं कर रहे हैं। एसी का तापमान कम करते ही वह काम करना बंद कर देते हैं।
वहीं, गांवों में नलकूप वाले फीडरों की स्थिति भी बदतर है। दोपहर के समय तो सप्लाई लगभग बंद ही कर दी जाती है। हर दस मिनट में फीडर ट्रिप कर रहे हैं, इस कारण सिंचाई के लिए पानी खेतों तक भी नहीं पहुंच पाता। गांवों में भी लगाकार ट्रिपिंग हो रही है। कुल मिलाकर जिस तरह गर्मी बढ़ रही है, बिजली व्यवस्था बेपटरी हो रही है।
25 नए ट्रांसफार्मर लगाए
ओवर लोडिंग और लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए शहर में विभिन्न क्षमता के 25 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। साथ ही 60 अन्य स्थानों पर भी नए ट्रांसफार्मर व क्षमता वृद्धि का कार्य प्रस्तावित है। हालांकि अभी उपभोक्ताओं को इस समस्या से पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है।
दो दिन से सप्लाई गुल
मोदीनगर रोड स्थित श्रीमती ब्रह्मादेवी बालिका विद्यालय के पीछे स्थित मोहल्लों में बिजली की सप्लाई दो दिन से गुल है। यहां दो दिन पहले खंभा टूटा था, स्थानीय निवासी राजवीर सिंह भाटी ने बताया कि बिजली अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद राहत नहीं मिली है। गर्मी से बुरा हाल हो रहा है।
-
कोट
बिजली की डिमांड बढ़ने से बिजलीघरों पर वोल्टेज घटे हैं। निर्बाध सप्लाई देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है। - सचिन द्विवेदी, अधिशासी अभियंता