हापुड़। वायरल बुखार की चपेट में आए मरीज को स्वस्थ होने में अधिक समय लग रहा है। सात दिन से पहले बुखार नहीं उतर रहा। मौसम में बद गले और कान के मरीज बढ़ गए हैं। साथ ही सूखी खांसी भी सांस उखाड़ रही है। हर रोज ओपीडी में ऐसे 250 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ.अशरफ अली ने बताया कि वायरल बुखार मुख्यत पांच दिन में उतर जाता है। लेकिन इन दिनों सात दिन तक मरीजों को बुखार परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत से मरीज पहले ही दिन से एंटीबॉयोटिक दवा ले रहे हैं, यह बेहद घातक सिद्ध होता है। इस तरह की दवाएं चिकित्सक के परामर्श से ही खाएं तो अच्छा है।
उन्होंने बताया कि बुखार में नियमित रूप से समय पर दवा लेते रहें और आराम करें। ठंडी चीजों का सेवन न करें। तीखा-खट्टा भी न खाएं। खूब पानी पीयें। जरूरत पर ही दोपहर के समय बाहर निकलें। चेहरे पर कपड़ा लपेट लें। बाहर की खुली हुई चीजों का बिल्कुल सेवन न करें। शाम को मौसम ठंडा हो जाता है। इसलिए थोड़ा मोटा कपड़ा पहनकर निकलें। पंखा-कूलर-एसी का अनावश्यक प्रयोग न करें। उन्होंने बताया कि बुखार वैसे तो तीन चार दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस समय ठीक होने में अधिक समय लग रहा है।
उन्होंने बताया कि बहुत से मरीजों का कहना है कि दवा लेने पर कुछ समय तक बुखार नहीं होता, लेकिन थोड़े अंतराल बाद बुखार होने लगता है। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, वायरल बुखार में ऐसा ही होता है। यदि पांच दिन के बाद भी बुखार में आराम नहीं होता तो अन्य जांच के लिए जाया जा सकता है। लक्ष्ण और मरीज की स्थिति को देखकर ही डायग्नोस किया जाता है।
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-वायरल बुखार के लक्षण-
गले और बदन में दर्द, खांसी आना
सिरदर्द या त्वचा में चकत्ते पडऩा
ठंड लगना
आंखों में जलन
थकान महसूस होना
तेज बुखार