काली नदी के प्रभाव से जिले के अनेक गांवों का भूगर्भ जल प्रदूषित होने पर जल निगम ने जल कार्य योजना तैयार की है। करीब दस गांवों में पानी की टंकिया स्थापित किए जाने के लिये निगम ने करीब 15 करोड़ का बजट बनाकर शासन को भेजा है।
शासन से स्वीकृति मिलने पर इन गांवों में पानी की टंकी और पाइप पाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मेरठ से निकलकर कन्नौज तक जाने वाली काली नदी के प्रभाव से जिले के करीब 59 गांव प्रभावित हैं।
कुल 56 गांवों में कार्ययोजना तैयार कर जल निगम के अफसरों ने बजट बनाकर शासन को भेजा था। इनमें से 46 गांवों का बजट बनाकर शासन ने जल निगम को भेज दिया, इस पर निगम के अफसरों ने गांवों में पानी की टंकी और पाइप लाइन बनाने का काम शुरू करा दिया था।
शेष 10 गांवों में बजट पास नहीं होने के कारण इन गांवों में काम शुरू नहीं हो सका था। अब जल निगम के अफसरों ने काली नदी के प्रभाव से दूषित दस गांवों के लिए नए सिरे से कार्य योजना तैयार की है।
इन गांवों में पानी की टंकी बनाने के साथ साथ पाइप लाइन और ग्रामीणों को कनेक्शन भी दिए जाएंगे। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने बताया कि निगम ने 60 करोड़ से अधिक की कार्य योजना बनाकर शासन को भेजी थी।
इसमें से शासन ने 46 गांवों के लिये योजना का बजट बनाकर भेज दिया था। अब नए सिरे से 10 गांवों के लिए करीब 15 करोड़ का बजट बनाकर शासन को भेजा गया है, जबकि तीन गांवों में जमीन ही नहीं मिल सकी है।